पहुंचने लगे संत-श्रद्धालु, नहीं बने शौचालय

मेला क्षेत्र में बनवाए जाने हैं 1400 जन शौचालय
10 जनवरी तक शौचालय निर्माण पूरा करने का दावा
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। बेशक कोरोना के चलते यहां कार्य इस बार देरी से शुरू हुए। बिजली, सड़क, पानी, पुल, शौचालय, तंबू कनात आदि में कोई भी काम पूरी तरह से नहीं हुआ है। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच मकर संक्रांति को माघ मेला का पहना स्नान है। खासकर शौचालय निर्माण की गति बहुत धीमी है। इससे मेला क्षेत्र को ओडीएफ (ओपन डेफिकेशन फ्री) बनाने की योजना पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
अधिकारी भी मानते हैं कि काम देर से शुरू हुआ है, इसलिए पूरा करने में समय लग रहा है। इस बीच मेला क्षेत्र में संतों और श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है इसलिए शौचालय और मूत्रालय की जरूरत होने लगी है। लेकिन मेला क्षेत्र में यह कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ रेडीमेड शौचालय मेला क्षेत्र में पहुंचाए गए है लेकिन उन्हें फिट नहीं किया गया है इसलिए वह किसी काम के नहीं हैं।
इस वर्ष मेला क्षेत्र में 1400 जन शौचालय बनवाए जाने हैं। यह शौचालय सभी सड़कों के किनारे, गाटा मार्ग, स्नान घाट के आसपास और बाजार में लगाए जाएंगे। इसे जहां लगाना है, वहां पर पानी का इंतजाम करना है और गड्ढे खोदना है। लेकिन गड्ढे की खुदाई का काम अब तक शुरू नहीं हुआ। संस्थाओं के परिसर में नौ हजार शौचालय बनाना है। इसके अलावा तीन हजार अन्य शौचालय भी बनवाए जाने हैं।
सब चार्ज (स्वास्थ्य) डॉ. आरएस ठाकुर ने बताया कि शौचालय पहले से बना देंगे तो बाहरी लोग गंदा कर देंगे। शौचालय बनवाने के लिए जमीन चिन्हित हो गई है। रेडीमेड शौचालय मेला क्षेत्र में पहुंचाएं भी जा रहे हैं। दस जनवरी तक शौचालय और मूत्रालय का काम पूरा कर लिया जाएगा।



