सेवानिवृत्त कर्मचारी की नियुक्ति अवैध, वेतन वसूली पर रोक
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक मुरादाबाद के आदेश से वेतन की वसूली कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने ओम पाल सिंह की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के लिए उसकी कॉपी संयुक्त शिक्षा निदेशक मुरादाबाद व जिलाधिकारी फिरोजाबाद को भेजने का निर्देश दिया है।
याची का कहना है कि सहायक लिपिक हरस्वरूप सिंह की प्रोन्नति पर उसकी तदर्थ नियुक्ति की गई। हरस्वरूप सिंह को पदावनति देते हुए वापस कर दिया गया और याची को सेवा से हटा दिया गया। हरस्वरूप सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद याची को 18 जनवरी 2013 से दोबारा नियुक्त कर लिया गया। लगातार सेवा के बाद याची 31 अक्तूबर 2018 को सेवानिवृत्त हो गया। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने 25 मार्च 2021 के आदेश से याची की नियुक्ति को अवैध करार दिया और वसूली आदेश जारी किया है। याची का कहना है कि उसने कार्य किया है। ऐसे में मिले वेतन की वसूली संविधान के अनुच्छेद 23 के विपरीत है।



