Latest
भगवान को भूल जाना ही सबसे बड़ा दुख का करण- डाॅं सुमनआश्रम

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज अनुराग दर्शन समाचार माघ मेला क्षेत्र में दण्डी नगर के श्री नागेश्वर धाम अन्नक्षेत्र पंडाल में प्रवचन करते हुए डाॅं सुमनआश्रम ने बताया कि जब मनुष्य संसारीक प्रवितियों में उलझ जाता है। तो पत्नी और परिवार संपत्ति आदि साधन को हि वास्तविक सुख मान कर जीने लगता है ।परमात्मा को ही भूल जाता है।

जब की पांडव के माता कुंती ने भगवान श्री कृष्ण ने विपत्ति मांगा था। क्योंकि विपत्ति में ही मनुष्य परमात्मा को याद करता है । इस लिए हमारे ग्रंथ कहते है । कि सुख हो या दुख में हमारे कर्म के फल है। इसे हमे भोगना ही पडे़गा अगर परमात्मा का सर्वदा चिंतन बना रहे तो ही हमें इस्थिर सुख की प्राप्ति हो सकती है।



