आर्य कन्या महाविद्यालय का राष्ट्रीय सेवा योजना की विशेष शिविर का समापन

छात्राएं अपनी क्षमता को पहचाने, सकारात्मक सोच रखते हुए जीवन में आगे बढे। प्रो0 राजीव त्रिपाठी
( अनुराग शुक्ला)
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। ‘राष्ट्र निर्माण युवाओं के हाथ महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की विशेष शिविर दिनांक के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो0 राजीव त्रिपाठी, डायरेक्टर एम०एन०एन0आई0टी0 ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्राएं अपनी क्षमता को पहचाने, सकारात्मक सोच रखते हुए जीवन में आगे बढे साथ ही स्वयंसेविकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी । कहा एक दिन आप आसमान की ऊंचाई छूएगी। विशिष्ट अतिथि श्री आनन्द मिश्र बी0एस0एन0एल0 के सीनियर जी0एम0 ने छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें अनुशासित रहते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के अनुरूप सतत प्रयत्नशील रहना
चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष व महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष श्री पंकज जायसवाल जी ने स्वयंसेविकाओं के प्रयासों एवम् परिश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप विशेष हैं क्योंकि
आपको इस शिविर में भाग लेने का अवसर मिला क्योंकि यह महाविद्यालय स्वामी दयानन्द
सरस्वती के दर्शन पर आधारित है जिस पर चलकर एक सव्या नागरिक तैयार होता है।
राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ० मंजू सिंह ने कहा कि यह शिविर का समापन
नहीं बल्कि यह जीवन की शुरूआत सोचें छात्राओं को अपना लक्ष्य निर्धारित कर, कहाँ है। कहों पहुंचना है अवश्य पहुंचना चाहिए। प्राचार्या डॉ० रमा सिंह ने छात्राओं को शिविर में सीखें गुणों को अपने जीवन में अपनाते हुए समाज सेवा में अपना योगदान देने की प्रेरणा दी ।कार्यक्रम का प्रारम्भ ईशयन्दना व लक्ष्य गीत से हुआ छात्राओं द्वारा मद्य निषेध पर नाटक व होली के रंगों में सराबोर करते हुए गीत कली खिली है गले मिली है नाचे मनवा आंगन का और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक स्वरूप विभिन्न प्रान्तों के लोकनृत्य ने सब का मन मोह लिया। अतिथियों का स्वागत टॉ0 ममता गुप्ता उपप्राचार्या, धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 ज्योति
रानी जायसवाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन टॉ0 रंजना त्रिपाठी ने किया। दीक्षा त्रिपाठी,
एकता सिंह, नीलम सिंह आदि स्वयंसेविकाओं ने शिविर से सम्बन्धित अपने अनुभव सांझा
किए। इस अवसर पर डॉ0 सुधा उपाध्याय, सारिका अग्रवाल, डॉ0 रेनू जैन, डॉ0 इभा सिरोठिया, डॉ0 मधुरिमा वर्मा, डॉ0 अमित पाण्डेय, डॉ0 स्मिता आदि उपस्थित रहे।



