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लखनऊ: पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर सकी योगी सरकार

इलाहाबाद। यूपी सरकार का पंचायती राज विभाग और सरकार दोनों ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट यानि स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त, यानी ओडीएफ के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पायी और मिशन फेल हो गया. 31 मार्च 2018 तक यूपी के 31 जिलों को खुले में सौच से मुक्त यानि ओडीएफ होना था. लेकिन धन के अभाव ये योजना समय रहते धरातल पर नहीं उतर सका. स्वच्छ भारत मिशन जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2 अक्टूबर 2014 को देश की राजधानी दिल्ली के राजघाट से की गई थी. इस मिशन को पूरा करने का लक्ष्य यूपी में सीएम योगी ने 31 दिसंबर रखा हुआ था और फिर इस समय सीमा को बढा कर 31 मार्च कर दिया गया था.

लेकिन हकीकत ये है कि दूसरी डेड लाइन भी पूरी होने के बाद अब तक 31 में से सिर्फ 8 जिले शामली,हापुड़ ,गाजियाबाद ,गौतम बुद्ध नगर, मेरठ ,मुजफ्फरनगर ,बिजनौर, बागपत ही ओडीएफ का काम पूरा हो सका. इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण धन का अभाव है विभाग का दावा है की 9 हजार करोड़ की जगह केवल 5 हजार करोड़ ही मिला. सीएम ने दावा किया था कि 31 दिसम्बर तक प्रदेश के 31 जिले ओडीएफ यानि खुले में सौच से मुक्त हो जायेगे और अब 31 मार्च भी बीत गया पर पीएम के इस ड्रीम प्रोजेक्ट यानि स्वच्छ भारत मिशन पर बट्टा लग गया.

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया था कि 31 दिसंबर तक यूपी के 30 जिले खुले में शौच से मुक्त हो जायेगें, लेकिन सरकार का ये दावा भी खोखला साबित हुआ. बाद में ये समय सीमा 31 मार्च कर दी गई थी जो भी अब पूरा हो गया है. खुद विभाग के अधिकारी मानते है कि जो लक्ष्य था वो पूरा नहीं हो सकेगा जिसका कारण धन व मैंन पावर का अभाव है.

कुल मिलकर ये साफ है की पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट यानि स्वच्छ भारत मिशन और सीएम योगी के साख पर बट्टा ला रहा है.  खुले में शौच मुक्त, यानी ओडीएफ के लक्ष्य को यूपी की सरकार व पंचायती राज विभाग पूरा नहीं कर पाया और फेल हो गया. हालांकि अब ये कहा जा रहा है कि धन की कमी को पूरा करने के अब पंचायतीराज विभाग ने नई रणनीति बनाई है. जिसे जल्द ही इस लक्ष्य को पूरा किया जा सकें.


लेकिन सच ये है की अब भी पीएम मोदी के इस मिशन पर अंधेरा छाया है. क्योकि इस प्रोजेक्ट को लेकर न तो सरकार गंभीर दिख रही है और न ही विभाग, तो ऐसे में भला सरकार की अन्य योजनाओं का क्या होगा ये तो समय ही बताएगा.

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