अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने संतों व हिंदुओं से फिल्म देखने की अपील

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कश्मीरी पंडितों की व्यथा-बेबसी व्यक्त करने वाली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स सुर्खियों में है। कोई फिल्म के समर्थन में खड़ा है तो कोई विरोध में स्वर बुलंद कर रहा है।

वहीं, संत समाज ने फिल्म के जरिए हिंदुओं को एकजुट करने का निर्णय लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने समस्त संतों व हिंदुओं से फिल्म देखने की अपील की है। वहीं, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद चातुर्मास में राजस्थान के जालौर के तख्तगढ़, मध्य प्रदेश के उज्जैन, हरियाणा के चरखी दादरी, यूपी के वृंदावन, मथुरा, बांदा व चित्रकूट में एलईडी के जरिए हिंदुओं को फिल्म दिखाएगा। कश्मीर की भयावह स्थिति पर सेमिनार, खुला संवाद आयोजित करके हिंदुओं को वर्ग-पंथ से ऊपर उठकर एकजुट रहने का संदेश दिया जाएगा।
चातुर्मास में दंडी संन्यासी परिषद द्वारा दिखाई जाएगी फिल्म
गुरु पूर्णिमा पर 13 जलाई को चातुर्मास प्रारंभ होकर कार्तिक पूर्णिमा आठ नवंबर तक चलेगा। चातुर्मास में अधिकतर संत नदी पार नहीं करते। वे एक स्थान पर रहकर भजन-पूजन करते हैं। उस क्षेत्र के अंतर्गत लोगों के संपर्क में रहकर धार्मिक गतिविधियां संचालित करते हैं। इसी दौरान एलईडी के जरिए गांव, बस्तियों में फिल्म दिखाई जाएगी। प्रयागराज में माघ मास में हजारों गृहस्थ कल्पवास करते हैं। स्वामी ब्रह्माश्रम, स्वामी विमलदेव आश्रम, स्वामी विश्वस्वरूप ब्रह्मचारी, जगद्गुरु घनश्यामाचार्य, जगद्गुरु डा. कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य, महामंडलेश्वर संतोष दास ”सतुआ बाबा, साध्वी राधिका वैष्णव, स्वामी रामतीर्थ दास, महामंडलेश्वर सीताराम दास, परमहंस प्रभाकर जी महाराज आदि संतों ने अपने शिविर में रहने वाले कल्पवासियों को परिवार सहित द कश्मीर फाइल्स फिल्म देखकर उसके मर्म पर चर्चा करने का निर्देश दिया है।

एकजुट रहने की जरूरत : रवींद्र पुरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष (सचिव श्रीनिरंजनी अखाड़ा) श्रीमहंत रवींद्र पुरी कहते हैं कि द कश्मीर फाइल्स फिल्म बताती है कि हक व अधिकार के लिए एकजुट रहने की जरूरत है। आत्मरक्षा के लिए दया की भीख मांगने के बजाय हथियार उठाना सीखना होगा। कहते हैं कि कश्मीर से भागे हिंदुओं को देश के अलग-अलग भाग में शरण मिल गई, लेकिन जब हिंदू अपने क्षेत्रों से भगाया जाएगा तो कहां आसरा लेगा? ये चिंतन करने का विषय है। फिल्म के जरिए हिंदुओं को इसी कड़वी सच्चाई का आभास कराया जा रहा है।
भविष्य के प्रति चेतावनी : ब्रह्माश्रम
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम का कहना है कि द कश्मीर फाइल्स कोई फिल्म नहीं है। ये भविष्य के प्रति हिंदुओं को आगाह करने का सशक्त माध्यम है। फिल्म संदेश दे रही है कि वर्ग व वर्ण के बंधन से मुक्त होकर एकजुट न हुए तो हर क्षेत्र में ऐसी ही स्थिति बनेगी। इसी कारण चातुर्मास में गांव व मलिन बस्तियों में रहने वाले हिंदुओं को परिषद ने अपने खर्च पर फिल्म दिखाने का निर्णय लिया है।


