शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची से बचने की दी हिदायत

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। अंजुमन हाशिमया अमजदया दरियाबाद की ओर से आगा अली खां हाता दरियाबाद में चल रही चार दिवसीय 64वीं सालाना मजलिस के दूसरे दिन शुक्रवार को इलाहाबाद के मौलाना जव्वाद हैदर जवादी ने खिताब किया। सालाना मजालिस का 64वां दौर शुरू
मौलाना जवादी अपने बयान में लोगों को शादियों मे होने वाली फिजूलखर्ची से बचने एवं लड़कों वालों की तरफ से दहेज न मांगने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि दहेज की रवायत से गरीबों की लड़कियों की शादी में परेशानियां आती हैं। इसके लिए हमें लोगों को इस्लाम के प्रति जागरुक करने की जरूरत है।
मजलिस को जहां दोपहर बाद वाराणसी से आये मौलाना नदीम असगर एवं देर शाम जैदपुरी लखनऊ के सैय्यद अली रिजवान ने खिताब किया। सैयद साबिर हुसैन (सोनवी) ने मरसियाख्वानी की। इस मौके पर सरदार खां, आमिर रिजवी, डेजी, जौरेज, रानू, अकबर अली, सरताज इत्यादि लोग मौजूद रहे।
अंजुमन के सचिव मशहद खान के अनुसार हर मजलिस का आगाज़ कुरानख्वानी और सैयद साबिर हुसैन साहब सोनवी की मर्सियाख़्वानी से होगा। रोज़ाना 3 मजालिस का एहतेमाम किया गया है, जिसमें कई प्रसिद्ध उलेमा ए कराम खिताब फरमाएंगे। मजलिस का वक़्त सुबह 9 बजे, दोपहर 3 बजे और शाम को 7.30 बजे से है। मजलिस में ख्वातीन के लिए भी अलग से इंतज़ाम किया गया है।
मजलिस के महासचिव फरहत अली (एडवोकेट) ने बताया कि मजलिस को शनिवार को सैयद फतेहपुर के दानिश नकवी, रायबरेली के सैयद कंबर अली रिज़वी और नई दिल्ली के सैय्यद मो. अस्करी खि़ताब करेंगे।



