ओम वाहिगुरु ऋषि आश्रम के शिविर में माघी पूर्णिमा पर्व पर विशेष पकवानों का चलेगा अन्न क्षेत्र

भोजन के साथ सूखा मेवा, फल,वस्त्र, कैप, गोमुखी के साथ दक्षिणा भी दी जाएगी।
(अनुराग शुक्ला/अनंत पांडेय) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। माघ मेला क्षेत्र में संगम मार्ग पर श्रद्धालुओं को वाहेगुरु का प्रसाद ग्रहण किये बिना आगे नहीं बढ़ पाते । गंगा की रेती पर सेवा भाव का अनूठा परिणाम है । हर भक्त की जुबान पर ओम वाहे गुरु का नाम है ।यहां धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा कर रही हैं। सुबह सबसे पहले श्रद्धालुओं को चाय पिलायी जाती है। इसके बाद भोजन और फिर दूध का प्रसाद दिया जाता है। प्रसाद वितरण का कार्य शाम के भोजन के साथ समाप्त होता है। आश्रम में प्रसाद ग्रहण करने के लिए पूरे दिन लोगों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। माघ मेला क्षेत्र में मकर संक्रांति से ही जन सेवा कार्य में जुटा ओम वाहिगुरु ऋषि आश्रम अपने शिविर में तो भोजन प्रसाद का वितरण करता है ।वही दंडी बाड़ा, आचार्य बाड़ा और खाक चौक जैसी दूसरी अन्य जगहों पर भी आश्रम द्वारा रसद व अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति की जाती है। वर्तमान में पूरे मेला क्षेत्र में कई दर्जन से अधिक स्थानों पर आश्रम के सहयोग से अन्नक्षेत्र चल रहे हैं। सभी अन्नक्षेत्रों को मिलाकर हर दिन लगभग 22 टन रसद की खपत होती है। आश्रम के स्वयंसेवकों का अनुशासन और सेवाभाव भी देखने लायक है। वह हर कार्य बड़े ही श्रद्धा भाव से शांति के साथ करते हैं। समस्त सेवा कार्य आश्रम के श्रीमहंत स्वामी सत्यानंद सरस्वती ‘सत्यम’ जी महाराज के निर्देशन में किए जाते हैं। माघ पूर्णिमा पर्व को शिविर में आश्रम विशेष पकवान बनाए जाएंगे जिनका भोग प्रसाद का वितरण होगा। ओम वाहिगुरु ऋषि आश्रम के मार्गदर्शक सद्गुरु संत श्री हरबंस साहिब जी ने श्रद्धालुओं को भोजन के पश्चात सूखा मेवा फल वस्त्र और गोमुखी के साथ सौ रुपए की दक्षिणा भी दी जाएगी । स्वामी सत्या नन्द सत्यम जी ने बताया कि अन्नक्षेत्र माघी पूर्णिमा तक चलता रहेगा ।


