सहारा ने गरीबों का पैसा लूटा, योगी सरकार कार्यवाही के बजायें साधे है चुप्पी- लल्लू

कांग्रेस ने भाजपा के साथ सपा व बसपा को भी घेरा
चार को पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
(अनुराग शुक्ला )
लखनऊ ( अनुराग दर्शन समाचार ) । उत्तर प्रदेश के लाखों गरीबों को सहारा कम्पनी ने खूब लूटा पर योगी सरकार के इस मामले पर चुप्पी साधने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने गहरी चिंता जताते हुए आंदोलन का एलान किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आज पार्टी मुख्यालय पर आयोजित एक प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए सपा व बसपा जैसे विपक्षी दलों से भी इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। प्रेसवार्ता में अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सहारा इंडिया ग्रुप में छोटे-छोटे दुकानदार, रेहड़ी, खोमचे,ठेला चलाने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय मजदूर,घरेलू कामगार महिलाओं ने किस्तों में 10 रुपये से लेकर सैकड़ों रुपये तक का आरडी खाता खुलवाया था। साथ ही कई सारे लोगों ने फिक्स डिपॉजिट भी किया मगर मियाद पूरी होने के बावजूद उनका पैसा नहीं मिल पा रहा है। इन गरीबों ने अपने बच्चों की पढ़ाई-
लिखाई व घर परिवार में किसी छोटे-बड़े काम के लिए पैसा जमा किया था लेकिन अब वे सब खुद को लुटा हुए महसूस कर रहे हैं। इन कम्पनियों में बड़ी संख्या में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के पैसे फंसे हुए हैं। आगे कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई डाटा नहीं है जिससे यह पता चल पायें कि प्रदेश के कितने लोगो का कितना पैसा फँसा है। प्रदेश का ऐसा कोई जिला, कस्बा, गांव अछूता नहीं है जहाँ ग़रीब और सामान्य लोगों का पैसा सहारा में न फँसा हो। गरीब लोग रोज बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं, मियादें पूरी हो गई हैं पर पैसा नहीं मिला है। इंसेंटिव के चक्कर में जिन जमाकर्ताओं ने लोगों से पैसा जमा कराया उनके साथ मार-पीट की घटनाएं हो रही है और तमाम जमाकर्ता घर छोड़कर भाग गए, कितनों ने आत्महत्या भी कर ली है। आखिर योगी सरकार गरीबों को उनका पैसा वापस दिलाने के लिए क्या कर रही है ? सपा,बसपा भी इस मसले पर अपना स्टैंड क्लियर करे। प्रदेश अध्यक्ष लल्लू ने कहा कि सहारा ग्रुप की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल स्टेट कॉर्पोरेशन और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के जरिये 2.25 करोड़ निवेशकों से करीब 24 हजार करोड़ रुपये जुटाये। इसके बाद इन रूपयों का कैसे और कहाँ इस्तेमाल किया गया इसका कोई रिकार्ड नहीं है। जब सेबी ने जांच शुरू की तो पता चला कि कई निवेशक फर्जी थे बाकी कंपनी का दूर-दूर तक पता नहीं था। इन दो कंपनियों के अलावा तमाम कंपनियों में गरीबों का पैसा आरडी और एफडी के रूप में जमा कराया गया जिन पर किसी तरह का अदालती मामला नहीं है। आखिर इन कंपनियों से ग़रीबों को पैसा वापस क्यों नहीं मिल रहा है। योगी सरकार पैसा वसूलकर गरीबों को क्यों नहीं दे रही है? ग़रीबों का पैसा हड़पने वाली कंपनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में किस तरह की बाधा है ? लल्लू ने कहा कि गरीब व सामान्य वर्ग के लोगों ने बेहतर भविष्य व बेटियों की शादी आदि के लिये अपनी गाढ़ी कमाई सहारा में जमा कराया निश्चित मियाद पूरा होने के बाद भी सालों से उनका पैसा वापस नहीं मिल पा रहा है। फ़िक्स डिपॉजिट व सामान्य खातों में जमा कराये गये पैसों के लिये लोग चार से पाँच सालों से सहारा के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनका पैसा नहीं मिल पा रहा है, सहारा के ब्रांच जाने पर वहाँ मौजूद लोग ‘पैसा मिल जायेगा’ कह कर टाल देते हैं। पिछली सरकारों ने ऐसे लोगों की कोई सुधि नहीं ली। जिनके पैसे सहारा में फँसे हैं, उन्हें ज़रूरत के समय तो पैसा नहीं मिल पया,आगे भी मिलने की कोई संभावना नज़र नहीं आ रही है। लल्लू ने अंत में कहा कि गरीबों से लगातार हो रही इस लूट के खिलाफ कांग्रेस पार्टी 4 जनवरी को उत्तर प्रदेश के सभी जिला कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगी।




