जीडीसीए पेपर आउट मामला आरआरसी सबूत मिटाने का कर रहा प्रयास

(वरिष्ठ संवाददाता ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। एनसीआर जोन में भ्रष्टाचार के नित नए मामलों का खुलासा हो रहा हैं। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा आयोजित जीडीसीए परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को फेल करने का आरोप कर्मियों ने लगाया हैं।
प्रोन्नत सीआईटी रिलीव नही हुए
सैकड़ो अभ्यर्थी पास होने के बावजूद भी किए गए फेल
चेयरमैन और स्टेनों की मिलीभगत से हुए इस खेल में करोड़ो रुपए का वारा न्यारा किया गया। परीक्षा के एक सप्ताह में ही आंसर की जारी कर दी गई थी। आंसर की और परिणाम घोषित होने पर अंको का भारी अंतर मिला है।
*ड्यूटी को लेकर रोज हो किचकिच*
प्रयागराज सहित आगरा और झांसी में ट्रेन ड्यूटी को लेकर सीआईटी और टीटीई में रोज किचकिच हो रही है। सीआईटी प्रशासन और लाइन की भूमिका पर तरह तरह के सवाल उठ रहे है। फर्जी रोस्टर कांड के बाद भी टीटीई और सीआईटी के रवैये में किसी तरह का बदलाव नही दिखा। टीटीई रोस्टर क्लर्क पर दबाव बनाकर मनमाफिक ट्रेन में जा रहे हैं। वही डिवीजन स्तर पर भी गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि अधिकांश टीटीई नशे की हालत में ड्यूटी कर रहे है। सूत्रों ने बताया कि एक टीटीई को जाम से मारने की धमकी मिली है। इस बात की स्टेशन परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।
सुविधा शुल्क के सहारे दागी हो रहे किनारे
सुविधा शुल्क के सहारे उत्तर मध्य रेलवे के दागी कर्मचारियों को जांच अधिकारी किनारे लगा दे रहे है। रेलवे में कई कर्मचारी ऐसे हैं जो गलत कारणों से जेल की हवा खा चुके हैं। आधा दर्जन से अधिक टीटीई और सीआईटी भी पेपर लीक कराने सहित अन्य मामलों में जेल जा चुके हैं। इनके दस्तावेज की जांच की जाए तो अनेक कमियां निकलेगी।
*वेंडरों के आगे सब फेल*
प्रयागराज जंक्सन के प्लेटफार्म पर वेंडरों ने कब्जा जमा लिया है। जीआरपी और आरपीएफ के संरक्षण में घटिया स्तर की सामग्री का वितरण किया जा रहा है। स्टेशन निदेशक वीके दुबे से गंदगी औऱ घटिया क्वालिटी के समोसे, पानी, कोल्डड्रिंक सहित अन्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। लेकिन श्री दुबे ने इस पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं किए। जिसके चलते स्टेशन परिसर में वेंडरों की धमाचौकड़ी लगातार जारी है। सूत्रों ने बताया कि इम्प्रेस फंड के पैसे का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है। स्टेशन के लिए 60 हजार एवं आपरेटिंग सिस्टम के लिए भी 60 हजार रुपए मिलते हैं। पूछने पर स्टेशन डायरेक्टर वी के दुबे नही दे पाए।
सीनियर डीसीएम के आदेश का अवहेलना
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। रेलवे के सूत्र यह बताते हैं कि 2020 में 45 टीटीई का प्रमोशन हुआ। 4 फ़रवरी 2021 को प्रमोट हुए सीआईटी को अन्य स्टेशन पर स्थांतरित कर दिया गया। लेकिन सीसीएम के दबाव में सीनियर डीसीएम 2 ने उन्हें रिलीव नहीं किया। अनुराग दर्शन की खबर के बाद प्रमोट हुए सीआईटी को रिलीव करने का आदेश जारी हुआ। रेल मंत्रालय द्वारा बार-बार रिन्यूअल के पत्र आते रहे। वही सीसीएम के दबाव में इनको रोका गया जो एक अपने आप में बड़ा घोटाला नजर आता है । शिकायत के बाद सीनियर डीसीएम 2 ने तत्काल प्रभाव से रिलीव करने का आदेश जारी किया था। लेकिन सीआईटी प्रशासन वीके सिंह ने किसी भी प्रोन्नत सीआईटी को रिलीव नहीं किया।
फरवरी में हुआ था प्रमोशन के साथ तबादला
रेलवे सूत्रों द्वारा पता चला है फरवरी में 45 कर्मचारियों का प्रमोशन हुआ था । उसी के साथ इनका दूसरे स्थानों पर तबादले का आदेश हुए थे। परंतु यह अभी तक प्रयागराज के मुख्यालय पर जमे हुए हैं जो रोस्टर घोटाले में अहम भूमिका रही। जिनमें मुख्य रुप से वीरेंद्र प्रसाद, सुमित कुमार तेजपाल ,विवेक कुमार, सुरेश कुमार, अरुण कुमार, सुशील कुमार, अनंत कुमार शर्मा, रमेश चौबे, रितेश वाधवा, चंद्रा पाल, ज्ञानराम, सरकुआ हाशमी, शायद जफर, आसाराम, विजय बहादुर पाल, अजीत सिंह, नजा अख्तर, प्रशांत गौर संतलाल बिंद मूल चन्द्र यादव दीपक कुमार जयूल इस्लाम भगवानश्री, आलोक कुमार यादव शिव कुमार प्रजापति अरविंद कुमार प्रजापति कुशल कुमार प्रभात चंद्रा बबीता अभिषेक कुमार मनीष गौरव खरे मिथिलेश कुमार मनीष कुमार झा विवेक कुमार विजय कुमार दया दिल पांडे कुमार चरणजीत रंजन विश्वनाथ प्रसाद धनंजय कुमार गुप्ता राजीव कुमार शशिकांत कुमार संदीप कुमार घोष इन सभी लोगों को प्रमोशन के साथ स्थानांतरण 4 फरवरी को किया गया जो अभी तक इनको रिलीव नहीं किया गया इसके पीछे भी रोस्टर घोटाला का अहम रोल माना जा रहा है । उक्त सभी लोग अपने अपने स्थान पर ना जाकर प्रयागराज में टिके हुए हैं । जो बराबर कार्रवाई में बाधाएं पहुंचा रहे हैं।



