शिल्प मेला में सहारनपुर के बने फर्नीचर और बनारसी साड़ियों की रही धूम

छऊ नृत्य के माध्यम से माता रानी के महिषासुर मर्दिनी प्रसंग को जीवन्तता प्रदान की
( अनुराग शुक्ला ) 





प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। सृष्टि के रचयिता ब्रह्ना की यज्ञ भूमि पति पावनी मां गंगा की अविरल धारा व यमुना की कल-कल ध्वनि के मध्य स्थित तीर्थ राज प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा वर्तमान समय में चल रहे राष्ट्रीय शिल्प मेला 2021 के आयोजन में शिल्प हाट के प्रांगण में भारी संख्या में दर्शको का हुजूम उमड़ा। शिल्पगत सामाग्रियों में जहा एक ओर सहारनपुर के बने फर्नीचर और बनारसी साड़ियों की धूम रही वही ईश्वर के प्रति आराध्य भावना को जोड़ती हुई कुटीर उद्योग को बढ़ावा देती धूप बत्तियों, हवन सामाग्रियों और चंदन को दर्शकों द्वारा सराहा और अधिक मात्रा में क्रय किया गया। साथ ही मुक्शुद्धि हेतु समाज में प्रचलित सुपाड़ी के अनेकों स्वादिष्ट रूप को मेले में आये हुए दर्शकों द्वारा पसन्द किया गया। वही सायंकालीन संध्या की आठवीं कड़ी में अमीर खुसरों के गीत ‘‘सईया के रंग हजार’’ की प्रस्तुति, युवा गजल व सूफी गायक जलज और कबीर के द्वारा प्रस्तुत किया गया। वाराणसी से पधारी प्रयागराज में अपनी दीक्षा-दीक्षा ग्रहण की युवा कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा और उनके समूह द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया। झारखण्ड के कलाकारों द्वारा खरसवां छऊ की प्रस्तुति की दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं गुजरात की पारम्परिक गरबा नृत्य और डांडियां की प्रस्तुति नीतिन दबे और साथी कलाकारों द्वारा दी गयी। हिमांचल से आये राजकुमार और संगतकारों ने सांगला नृत्य प्रस्तुत किया। पंजाब में विवाह के अवसर पर बरातियों का स्वागत करने के लिए किया जाने वाले जिन्दुआं नृत्य की प्रस्तुति रवि कन्नूर और साथी कलाकारों ने की। मिर्जापुर से पधारे जटाशंकर के दल द्वारा चौलर नृत्य की प्रस्तुति को दर्शको ने सराहा। वैशाखी के अवसर पर किया जाने वाले भांगड़ा नृत्य को अपने पारम्परिक परिधानों में सुसज्जित होकर ढोल की थाप और अलगोजे की धुन पर भांगड़ा नृत्य का प्रदर्शन दर्शकों में उत्साह का संचार किया। छऊ नृत्य के माध्यम से माता रानी के महिषासुर मर्दिनी प्रसंग को जीवन्तता प्रदान की। परमानन्द और उनके साथी कलाकारों ने जो कि पश्चिम बंगाल से पधारे है । इसी के साथ केन्द्र निदेशक ने सभी उपस्थित दर्शकों एवं श्रोताओं का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।



