विश्व वानिकी दिवस पर संगम किनारे बालू में उकेरी आकृति

वन संरक्षण पर बनी आकृति को देखकर लोगों में जागी जागरूकता।
( अनंत पांडेय )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। इलाहाबाद विश्वविद्यालय दृश्य कला विभाग के छात्र अजय कुमार गुप्ता और मनोज कुमार द्वारा सेंड आर्ट कराया गया जिसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय दृश्य कला विभाग के फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के छात्र भी मौजूद रहे यह सैंड आर्ट विश्व वानिकी दिवस पर था। विश्व वानिकी दिवस हर साल 21 मार्च को मनाया जाता हैं। यह सबसे पहली बार 1971 में मनाया गया था। इसकी शुरुवात भारत में तत्कालीन गृहमंत्री कुलपति कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने की थी। यह मनोत्सव भारत में 1950 से मनाया जाना शुरू किया गया। इसको मनाने के पीछे एक ही उद्देश्य था की सभी देश अपने मातृभूमि और अपनी मिटटी की कद्र समझे और इस चीज़ को लेकर जागरूक हो पाए की उनकी मिट्टी । उनके जंगल उनकी वनसम्पदा कितनी महत्वपूर्ण हैं। हमारे देश में वन संपदा का महत्व इतना है जिसकी धरोहर भारत के शिखर को ऊपर तक ले जाती है आज छात्रों द्वारा संगम किनारे बालू की रेती में वन संपदा संरक्षण को जागृत करते हुए एक आकृति बनाई आकृति के माध्यम से जन-जन में संदेश भेजें जब वन संपदा सुरक्षित रहेंगे तभी हमारा देश सुरक्षित रहेगा।



