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किसानों की सब्जी रौंदने वाले दरोगा की पोस्टिंग रद्द, लाइन अटैच

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । किसानों की गाढ़ी कमाई पर सरकारी जीप से रौंदने के आरोपी दरोगा सुमित आनंद की पोस्टिंग के मामले में आला अधिकारी 48 घंटे में ही बैकफुट पर आ गए खबर छपने के बाद आईजी रेंज ने मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया जिसके बाद एसएसपी ने आरोपी दारोगा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया आईजी रेंज का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दरोगा के तबादले की कार्रवाई की जाएगी 30 अगस्त की रात अरैल चौकी में दारोगा सुमित आनंद की बतौर प्रभारी तैनाती की थी लॉकडाउन के दौरान घूरपुर थाने में तैनाती के दौरान उसने घूरपुर बाजार में किसानों व गरीब दुकानदारों की सब्जियों को सरकारी जीप से रौंद दिया था घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया था छह जून को सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद मामले का संज्ञान लेकर आरोपी दरोगा को निलंबित करने के साथ ही उसका वेतन काटकर किसानों के नुकसान की भरपाई का निर्देश दिया था जिस पर तत्कालीन एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए उसके वेतन काटकर किसानों को मुआवजा दिलाया था
यही नहीं,एसपी यमुनापार व सीओ करछना ने खुद मौके पर जाकर भुक्तभोगी किसानों और दुकानदारों से घटना के लिए खेद जताया था चौकी प्रभारी के रूप में उसकी तैनाती का विषय चर्चा का विषय बना रहा आईजी केपी सिंह ने बताया कि दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो चुकी है इस संबंध में एसएसपी से रिपोर्ट मांगी गई है रिपोर्ट मिलते ही उसे गैरजनपद स्थानतरण करने की कार्रवाई की जाएगी नियम ताक पर रखकर दी तैनाती
जानकारों का कहना है कि सुमित आनंद को नियम ताक पर रखकर तैनाती दी गई सबसे पहली बात यह है कि उसके खिलाफ पहले से कार्रवाई लंबित है दूसरी बात यह कि जिस नैनी कोतवाली की अरैल चौकी में वह तैनात किया,वहां वह तैनात रह चुका है जबकि मुख्यालय स्तर से एक चौकी या थाने में दोबारा तैनाती पर रोक है इसके साथ ही डीजीपी की ओर से पूर्व में भेजे गए सर्कुलर में स्पष्ट निर्देश है कि कार्रवाई के चलते हटाए गए पुलिसकर्मियों को कम से कम छह महीने तक बतौर प्रभारी तैनाती न दी जाए इसके बावजूद तीन महीने में ही उसे तैनाती दे दी गई वैसे इस नियम को ताक पर रखकर तैनाती पाने वालों में जिले के कई मौजूदा थानेदार व चौकी प्रभारी भी शामिल हैं।

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