क्यों और कहां बर्बाद हुई कोरोना वैक्सीन

अपर निदेशक स्वास्थ्य को मिला जांच का जिम्मा
( अनंत पांडेय )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना वैक्सीन डोज की वेस्टेज को लेकर शासन बेहद गंभीर है। प्रयागराज में वेस्टेज वैक्सीन को लेकर भी सख्त रवैया अपनाया गया है। शासन ने वैक्सीन किन कारण से और कहां वेस्टेज हुई, इसकी जानकारी का जिम्मा विभाग के अपर निदेशक को दिया गया है। चार दिन में जांच करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
16 जनवरी से टीकाकरण शुरू होने के बाद से लगातार प्रयागराज में वैक्सीन वेस्टेज के मामले सामने आ रहे हैं। 22 फरवरी तक तो यह आंकड़ा 32 प्रतिशत तक पहुंच गया था। वेस्टेज में कमी नहीं आने के कारण शासन ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। इस संबंध में अपर निदेशक मोहनजी श्रीवास्तव को जांच करने का निर्देश दिया गया है। वह पता लगाएंगे कि वेस्टेज किन कारणों से हो रहा है। सबसे ज्यादा वेस्टेज किन सेंटरों पर हुआ है। अपर निदेशक ने कहा कि वेस्टेज को लेकर शासन काफी गंभीर है। इसके पीछे के कारणों का पता लगाकर चार से पांच दिन में रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. तीरथलाल ने बताया कि 22 फरवरी तक वैक्सीन वेस्टेज 32 फीसदी तक पहुंच गया था। कई लाभार्थियों की जानकारी पोर्टल में अपलोड नहीं थी। इस वजह से वेस्टेज का प्रतिशत काफी ज्यादा था। धीरे-धीरे सभी की जानकारी पोर्टल में अपलोड की जा रही है, वैसे वेस्टेज का प्रतिशत भी नीचे आ रहा है। फिलहाल अभी 15 प्रतिशत वेस्टेज दिख रहा है। यह आगे और कम हो जाएगा।



