मांगो पर गंभीरतापूर्वक विचार कर परिणामी आदेश न जारी किये जाने पर प्रदेश के सभी ज़िलों में 48 घण्टे का अनवरत क्रमिक अनशन

29 से शक्तिभवन पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन/भूख हड़ताल की जायेगी शुरुआत।
( अनुराग शुक्ला ) लखनऊ (अनुराग दर्शन समाचार )। आज समस्त ऊर्जा निगमों के अंतर्गत तैनात टैक्नीशियन (टी.जी.2) कर्मियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र कैडर संघ -राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश द्वारा शीर्ष ऊर्जा प्रबन्धन के तानाशाही रवैये व अन्यायपूर्ण नीति के विरोध में पूर्व प्रस्तावित 8 चरणों के प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की नोटिस के अनुसार छठे चरण आंदोलन में समस्त ऊर्जा निगमों के मुख्यालय “शक्ति भवन” लखनऊ के समक्ष शांतिपूर्ण रूप से अनशन कर रहे संघ के केंद्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय महासचिव समेत अन्य पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के उपरांत उन्हें अस्थायी जेल के रूप में इको गार्डेन लाया गया व बाद में रिहा कर दिया गया।संघ के केंद्रीय अध्यक्ष बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पूर्व प्रस्तावित व सभी को पूर्व में सूचित आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार आज दिनांक 16 नवंबर 2021 को संघ द्वारा शक्ति भवन मुख्यालय के समक्ष किये जा रहे शांतिपूर्ण अनशन कर रहे पदाधिकारियों को ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा गिरफ़्तार करवाया जाना निश्चित की लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने के मौलिक अधिकार के हनन के तुल्य कृत्य है। इस प्रकार आंदोलन को कुचलने की चेष्टा करने से औद्योगिक अशांति की स्थिति उत्पन्न होने की प्रबल आशंका है जिसका उत्तरदायित्व मात्र हठधर्मी प्रबन्धन का ही है। उन्होंने कहा कि प्रबन्ध निदेशक उप्र पावर कारपोरेशन लि. की अध्यक्षता में ऊर्जा प्रबन्धन व संघ प्रतिनिधि मंडल के मध्य दिनांक *03.04.21*, *17.08.21* व *25.10.2021* को सम्पन्न द्विपक्षीय वार्ताओं तथा शासन स्तर पर भी *29.07.2021, 12.08.2021, 05.09.2021, 20.10.2021 व 22.10.2021* को *अपर मुख्य सचिव ऊर्जा, उत्तर प्रदेश शासन* के साथ संघ प्रतिनिधियों की सम्पन्न वार्ताओं के क्रम में आज तक ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा किसी भी समस्या के समाधान की दिशा में कोई परिणामी आदेश जारी न किया जाना प्रबन्धन की मंशा व हठधर्मिता के स्वयं घोतक हैं जो कि कदापि उद्योग व प्रदेश हित मे नहीं है। संघ के पूर्वांचल महासचिव सत्यनारायण उपाध्याय ने बताया कि शीर्ष ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा लगातार अपने तकनीकी कर्मियों की जायज मांगों/ समस्याओं यथा ग्रेड-पे विसंगति, आमेलन, बिना अतार्किक सेवा बाध्यता के प्रोन्नति, एक अग्रिम इंक्रीमेंट, पट्रोल भत्ता व उत्पादन निगम में प्रोन्नति कोटा समेत अन्य जायज मांगों की जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कारण आम उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से होती रहे इसलिए आज शक्ति भवन लखनऊ पर हुए विरोध प्रदर्शन में विद्युत उपकेंद्रों की परिचालन व्यवस्था हेतु तैनात तकनीकी कर्मियों को इस छठवें चरण आंदोलन कार्यक्रम से मुक्त रखा गया है।संघ के केंद्रीय महासचिव मो.वसीम ने बताया कि जिस प्रकार शांतिपूर्ण रूप से अपनी मूलभूत समस्याओं व जायज मांगों के लिये आंदोलन कर रहे तकनीकी कर्मियों के विरुद्ध ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा दमनकारी नीति के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा रही हैं व संघ के आंदोलन को कुचनले के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं, वह निश्चित ही निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। ऊर्जा प्रबन्धन के इस रवैये के कारण न केवल ऊर्जा विभाग अपितु कहीं न कहीं कर्मचारी हित के प्रति दृण संकल्पित प्रदेश की वर्तमान सरकार की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि संघ सदैव शांतिपूर्ण रूप से द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से संवर्ग की जायज मांगों/ समस्याओं का निवारण चाहता है परंतु प्रबंधन द्वारा पूर्व में जारी विभिन्न द्विपक्षीय वार्ताओं उपरांत उनके द्वारा कार्यवृतों का क्रियान्वयन किये जाने की बजाय साल भर से परीक्षण के नाम पर जान-बूझ कर खानापूर्ति करते हुए संघ के ऊपर आंदोलन थोपा जा रहा है और अब तो प्रबन्धन पूरी तरह से दमकारी नीति पर भी उतर आया है, जिससे उसकी नाकामी छुपने वाली नहीं है। उन्होंने बातया कि शासन/ पुलिस प्रशासन के अनुरोध पर 21 नवंबर 2021 तक लगातार होने वाला अनशन/भूख हड़ताल ईको गार्डेन लखनऊ पर ही सम्पन्न किये जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी तय हुआ है कि ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा मांगो पर गंभीरतापूर्वक विचार कर परिणामी आदेश न जारी किये जाने पर दिनांक 22.11.2021 को प्रदेश के सभी ज़िलों में 48 घण्टे का अनवरत क्रमिक अनशन एवं दिनांक 29.11.2021 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन/भूख हड़ताल शक्तिभवन मुख्यालय, लखनऊ पर प्रारम्भ कर दिया जायेगा जिसमे विद्युत उपकेंद्रों की परिचालन व्यवस्था में तैनात टैक्नीशियन कर्मियों/संघ सदस्यों को भी शामिल किए जाने पर विचार किया जा सकता है। जिसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली किसी भी विषम परिस्थितियों का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व भी ऊर्जा प्रबन्धन का ही होगा।आज शान्तिपूर्ण अनशन कार्यक्रम के दौरान गिरफ्तार हुए लोगों में संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष बृजेश कुमार त्रिपाठी, केंद्रीय महासचिव मो.वसीम समेत पूर्वांचल परिक्षेत्र के अंतर्गत पदाधिकारी-गण व दर्ज़ेनो की संख्या में तकनीकी कर्मचारी सम्मिलित रहे जिसमें मुख्य रूप से कमलेश पटेल, रंजन यादव अखिलेश गुप्ता, धवनपाल, गुरुनारायन, सत्यनारायण उपाध्याय, शैलन्द्र सिंह,सुनील प्रजापति, नासिर अली, धीरेन्द्र यादव,आदि मौजूद रहे।



