कुम्भ मेला प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ

प्रयागराज। आज श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने कुम्भ मेला प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए 4 घण्टे संगम तट पर तप एवम् साधना की, ताकि मेला प्रशासन किसी के साथ भेदभाव न करते हुए यह सुनिश्चित करे कि “काशी सुमेरु पीठाधीश्वर की जमीन और सुविधा वर्तमान श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर को आवंटित करे, और प्रयाग अर्धकुम्भ मेला-2019 सकुशल एवम् शान्तिप्रिय सम्पन्न हो |

पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने माँ गंगा की आरती करके अपने तप एवम् साधना को विश्राम दिया | पूज्य श्री के साथ महामण्डलेश्वर स्वामी आत्मानन्द गिरि जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी चित् सुख पुरी जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी प्रकाशानन्द गिरि जी महाराज, पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज के निजी सचिव स्वामी बृज भूषण दास जी महाराज सहित सन्त, महात्मा एवम् सनातन धर्मावलम्बी उपस्थित थे |

इस अवसर पर पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने इलेक्ट्रॉनिक एवम् प्रिन्ट मीडिया के पत्रकारों से भी वार्ता की |

महाराज श्री के संगम तट पर बैठने की सूचना पाकर मेलाधिकारी महोदय ने पूज्य श्री के प्रतिनिधि मण्डल को वार्ता के लिए अपने कार्यालय में बुलाकर बात की, और आश्वत् किया कि परसों (24 दिसम्बर) 3 बजे आप लोग आइये, मामले का निराकरण कर दिया जायेगा |
पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा है कि यदि 24 दिसम्बर को मेला प्रशासन ने मेरी संस्था “काशी सुमेरु पीठाधीश्वर” की जमीन और सुविधा मुझे आवंटित नहीं की, तो 25 दिसम्बर से मेरे पास मेलाधिकारी कार्यालय पर सन्त-महात्माओं के साथ अनिश्चित कालीन धरना देने के अतिरिक्त कोई भी मार्ग नहीं होगा |



