
प्रयागराज। किन्नर अखाडे के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी जी महराज का 12 दिसम्बर को मुम्बई से प्रयागराज आगमन हो रहा है।

इस दौरान वह मेलाक्षेत्र के सेक्टर-12 में कुंभ मेले के लिये लग रहे शिविर की तैयारियों को देखेगे। उन्होने बताया कि वह इस बीच सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए सिडनी, हांगकांग, जर्मनी सहित कई देश की यात्रा पर गये थे। उन्होने बताया कि कुंभ मेले के दौरान देश और विदेश से हजारो किन्नर शामिल होगे।
वह छह जनवरी को निकलने वाली देवत्व यात्रा (पेशवाई) में शामिल होगे। उन्होने बताया कि तीर्थराज प्रयाग के कुंभ में किन्नर अखाडा पहली बार शामिल होने जा रहा है। देवत्व यात्रा धूमधाम से निकलेगी। इसमें पांच हजार से अधिक किन्नर और देश-विदेश के लाखों लोग शामिल होगे। आचार्य महामण्डलेश्वर ने बताया कि देवत्व यात्रा शहर से होते हुए संगम, मेलाक्षेत्र में लग रहे शिविर तक पाण्टून पुल से होकर जायेगी।
आचार्य महामण्डलेश्वर ने बताया कि देवत्व यात्रा में किन्नर अखाडा के सभी महामण्डलेश्वर, मण्डलेश्वर, पीठाधीश्वर, महंत, श्रीमहंत सहित सभी संत-महात्मा शामिल होगे।
किन्नर अखाडे की उत्तर भारत की प्रभारी पीठाधीश्वर भवानी मा ने कहा कि समाज सनातन धर्म की रक्षा, प्रचार-प्रसार और संरक्षण के लिये किन्नर अखाडे की तरफ देख रहा है। ऐसे में किन्नर अखाडा कुंभ प्रयाग से सनातन धर्म को एक नयी दिशा देगा।



