गलत भत्ते की वसूली का आदेश रद्द, 37वीं वाहिनी पीएसी कांस्टेबलों का मामला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशिक्षण संस्थान 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर नगर में कार्यरत कांस्टेबलों को दिए गये भत्ते की वसूली का आदेश रद्द कर दिया है और वेतन से वसूली गई राशि एक माह के भीतर वापस करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 18 जुलाई 2018 के शासनादेश के तहत नैसर्गिक न्याय का पालन करने की छूट भी दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने शिवपाल सिंह व सात अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता इरफान अहमद मलिक ने बहस की। याचिका में कहा गया था कि नियमानुसार प्रशिक्षण देने वाले आरक्षियों को मूल वेतन का 15 फीसदी भत्ता देने का नियम है। याचियों को भी भत्ता दिया गया। पीएसी सेनानायक ने डीओटी-डीटीएस प्रशिक्षण न रखने वाले प्रशिक्षकों को भत्ता पाने का हकदार नहीं माना और गलत तरीके से प्राप्त भत्ते की वसूली का आदेश कर दिया।




