शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी के पावन सानिध्य में दण्डी सन्यासियों का चिन्तन संगोष्ठी सम्पन्न

हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार )। महाकुम्भ के पावन अवसर पर वेद भवन हरिद्वार में अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम जी महाराज के संयोजन एवम् श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर यति सम्राट अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में दण्डी सन्यासियों का चिन्तन संगोष्ठी सम्पन्न हुई | इस अवसर पर पूज्यपाद शंकराचार्य भगवान ने अपना आशीर्वचन एवम् मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि आज जिस प्रकार से कभी मन्दिर मे जबरन घुसने धमकी एवम् साधु सन्यासियों के शिर काटने के लिए फतवे इस्लामिक जिहादियों द्वारा जारी किए जा रहे हैं, वह सनातन धर्म के लिए खुली चुनौती है | इस दु:साहस को हल्के में लेना, या नजरअन्दाज करने सनातन धर्म की आने वाली पीढ़ी को बहुत भारी पड़ सकती है | इस चुनौती को स्वीकार कर सनातन धर्मावलम्बियों को अपने धर्म के लिए धर्मयुद्ध लड़ने के लिए जागृत करने का नैतिक दायित्व साधु-सन्यासियों को निभाना चाहिए | पूज्य शंकराचार्य भगवान ने उपस्थित सन्यासियों को निर्देशित किया कि आप सभी पूरे देश में प्रवास कर कट्टर इस्लामिक आतंकवाद के समूल उन्मूलन के लिए हिन्दू धर्मयोद्धा तैयार करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें | इस अवसर पर अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम जी महाराज, स्वामी अखण्डानन्द तीर्थ, पुष्कर मठ काशी के महन्त स्वामी श्रवणदेव आश्रम, चित्रकूट धाम के स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी जी सहित सैकड़ों दण्डी सन्यासी उपस्तिथ थे |




