महिलाओं के साथ बढ़ते जघन्य अपराध और न्याय व्यवस्था पर बेबाकी से रखे विचार
इलाहाबाद। आज अल कौसर सोसाइटी द्वारा नखासकोना स्थित रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केन्द्र में “महिलाओं के साथ बढ़ते जघन्य अपराध और न्याय व्यवस्था” विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई।

संस्था की अध्यक्ष नाजिया नफीस ने बताया कि सोसायटी द्वारा संगोष्ठी के बाद एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया जिसमें करीब 300 छात्राओं, महिलाओं ने हस्ताक्षर करके
सरकार से यह मांग की है कि महिलाओं के ऊपर हो रहे अपराध को रोका जाना चाहिए और इसके लिए एक फास्ट कोर्ट का गठन कर इसमें जल्द से जल्द सुनवाई करके अपराधियों को फांसी या उम्र कैद की सज़ा सुनाई जाये।

नाजिया ने कहा यह अभियान पूरे नगर में एक महीने तक चलाया जायेगा और इसकी कापी मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति कार्यालय भेजी जायेगी।

इस संगोष्ठी में किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य लता श्रीवास्तव ने निर्भया काण्ड के बात जुवेनाइल एक्ट में हुए बदलाव के बारे में चर्चा किया। नाजिया ने कहा कि 12 वर्ष से कम आयु की किशोरियों के साथ जघन्य अपराध हत्या में अपराधियों को फांसी की सजा निर्धारित की जा रही हैं तो वही घटना अगर किसी युवती के साथ घटित हो रही है तो अपराधी के साथ भी वही कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि लोगों के अन्दर कानून का भय व सम्मान दोनों बना रहे।
आशा ज्योति केन्द्र की अधीक्षिका शिष्या सिंह राठौर ने बच्चियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वह आज बेटी हैं लेकिन कल माँ बनेगीं,वह बिना भेदभाव के अपने बच्चों को समानाधिकार एवं अच्छे संस्कार दे।
तनजीना खान ने कहा कि जब पुलिस भी यह अपराध करने लगे तो देश का क्या होगा।
आरती विश्वाकर्मा ने कहा कि इस तरह के कृत्य करने वालों को नपुंसक बना देना चाहिए।
जेबा, गुलफशां ने कहा कि ऐसा अपराध करने वालों को अरब कंट्री की तरह कठोर दण्ड दिया जाए।
कार्यक्रम का संचालन ऋतु यदुवंशी ने किया।


