कोविड १९ से हो रही मौतों आकाशमिक मृत्यु माना जाए ताकि जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारियों को बीमा का लाभ मिल सके- राजीवकृष्ण श्रीवास्तव
(विनय मिश्रा) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल संरक्षक एवं अध्यक्ष अनुशासन समिति राजीवकृष्ण श्रीवास्तव ने ऑनलाइन व्यापारिक संगठनों के प्रदेशिक पदाधिकारियों के साथ मीटिंग कर संयुक्त वक्तव्य जारी कर प्रदेश सरकार से मांग की है कि करोना से हो रही मृत्यु को आसमयिईक मौत माना जाए।क्योंकि यह नेचुरल मृत्यु नहीं है इसमें जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापारियों को बीमा का लाभ मिलना चाहिए। ताकि इस कठिन परिस्थितियों में उस व्यापारी का परिवार थोड़ी राहत महसूस करें और उबर सके, जिसने हमेशा हमेशा भारी मात्रा में टैक्स देकर सरकार का खजाना करने का काम किया है। संबंध में अभिलंब आदेश करने हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया किया जाताहै साथ ही साथ लाकडाउन लगने पर व्यापारियों की दुकानों को बंद कराने के साथ ऑनलाइन व्यापार को भी बंद किया जाए। उन्होंने सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकेंट लाकडाउन में जब सरकार छोटी-बड़ी सभी दुकानों को बंद कर रही है तो ऑनलाइन व्यापार, ई-कॉमर्स कंपनी व बहुराष्ट्रीय कंपनी को व्यापार करने की छूट कैसे दी जा सकती है। ऐसी स्थिति में प्रदेश के व्यापारियों को सीधा नुकसान तो हो ही रहा है साथ ही साथ निकट भविष्य में स्थिति सामान्य होने पर भी भारी नुकसान होने की संभावना है जिससे प्रदेश और राष्ट्रीय सरकारों को भी जीएसटी के रूप में भारी नुकसान होने की पूरी पूरी संभावना व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि आज हमारा प्रदेश का छोटा बड़ा व्यापारी सड़कों पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार मामूली बातों पर बेइज्जत हो रहा है और एफ आई आर कर मुकदमों को भी झेल रहा है उसके बावजूद उसके बावजूद अपने स्वभाव के अनुसार अपने स्वभाव के अनुसार समाज के जरुरतमंद को हर तरह की राहत भी पहुंचा रहा है। दूसरी ओर ई-कॉमर्स कंपनियां, बहुराष्ट्रीय कंपनियां खोलकर कारोबार कर रही है जिनका की समाज हित में कोई भी कार्य नहीं दिखता है। सरकारों द्वारा ऐसी कंपनियों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से लाभ पहुंचाया जाना अतीश शर्मनाक मामला है
श्री राजीवकृष्ण श्रीवास्तव आज प्रदेश के विभिन्न व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी नेताओं के साथ ऑनलाइन मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एक ओर जीवन बचाने के साथ साथ जीविका बचाने की बात कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर ई क्रामर्स कंपनियों को छूट देकर व्यापारियों के सामने आजीविका का संकट खडा कर रहे हैं। व्यापारी के लिए जीवन और जीविका दोनों एक दूसरे के पर्यायवाची हैं। व्यापारी के लिए तो जीविका से ही जीवन है।
उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों की सप्लाई चैन में जुटे लोग ना जाने कितने परिवार के घरों में जाते हैं। किस किस प्रकार के लोगों से मिलते हैं। कहीं ऐसा ना हो वह खुद कोरोना के विस्तार में सहायक बन जाए, इसलिए भी ई कॉमर्स के नाम पर होने वाली सप्लाई को रोका जाना आवश्यक प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि आज व्यापारियों के सामने सबसे बड़ा संकट अपनी जीविका और जीवन दोनों को बचाना जरूरी है। आज की मीटिंग में विभिन्न व्यापारिक संगठन के सभी गुटों के मित्रों से इस कठिन समय पर एक होकर समाज हित में कार्य करने की अपील की गई। आज की ऑनलाइन मीटिंग में पंडित श्याम बिहारी मिश्रा गुट के प्रांतीय महामंत्री व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य डॉ दिलीप सेठ, वाराणसी से राकेश जैन, अखिलेश सिंह कानपुर से सुनील श्रीवास्तव, सतीश वर्मा, मिर्जापुर से दीपचंद जैन, कौशांबी कैलाश नाथ केसरवानी, लखनऊ से गौरव कृष्णा, निखिल जैन, प्रमोद पोद्दार, मेरठ से लोकेश अग्रवाल, सीतापुर से जीवेश सहानी, गाजियाबाद से फूलचंद अग्रवाल एटा से अभिज्ञान प्रकाश,नोएडा से पंकज लूथरा, गोरखपुर से जितेंद्र सिंह जीतू, राम लखन बलिया से अयोध्या से अभिनव जयसवाल सभासद, वही इलाहाबाद से रमेश केसरवानी,सुशांत केसरवानी, मनीष गुप्ता, इकबाल अंसारी, अभिषेक केसरवानी, राजेश केसरवानी संजय जायसवाल आदि लोग प्रमुख रूप से अपनी मौजूदगी दर्ज की।




