रामलला के गर्भगृह पर बदला गया श्रीराम ध्वज

रामलला के गर्भगृह पर पूजन कर बदला गया श्रीराम ध्वज
रामलला के मंदिर में विशेष मुहूर्त पर स्थापित हुआ चांदी का कलश
अयोध्या (अनुराग दर्शन समाचार ) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ हुई नवरात्र महोत्सव के साथ भगवान राम के जन्मोत्सव को मनाए जाने को लेकर नौ दिवसीय आयोजन मठ मंदिरों में शुरू हो गया। राम जन्मभूमि परिसर में भव्य आयोजन को लेकर श्री रामलला के गर्भगृह पर पूजन कर श्री राम ध्वज को बदला गया। तो वहीं स्थाई भवन में विराजमान श्री रामलला के दरबार मे चांदी की कलश स्थापित किया गया। राम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्री राम के जन्म उत्सव को रामनवमी के पर्व के रूप में मनाया जाता है पहली बार भगवान श्री रामलला के गर्भगृह में चांदी की कलश को सुबह 7.28 मिनट के विशेष मुहूर्त में चांदी के ही चैकी पर स्थापित किया गया। इसके बाद भव्य आरती उतारी गई और पंचमेवा, फल, पेड़ा प्रसाद भी श्री रामलला को अर्पित किया गया। तो इस दौरान परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम के जयकारे लगाए और प्रसाद ही लिया। भगवान श्री राम के जन्म स्थान पर बन रहे भव्य मंदिर निर्माण के बीच गर्भगृह स्थल पर लगे श्री राम ध्वज को भी वैदिक आचार्यों के द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच बदला गया।
श्रीराम जन्म भूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि रामनवमी उत्सव के प्रारंभ पर राम जन्मभूमि परिसर में कलश स्थापना के साथ किया गया है। र्नौ दिनों तक कीर्तन भजन और धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के सामने किया जाएगा। और आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन के बाद प्रसाद भी उपलब्ध कराया जा रहा है वहीं बताया कि आज सुबह रामलला का अभिषेक श्रृंगार के बाद चांदी के कलश को स्थापित किया गया है। इस दौरान भगवान श्री राम की स्तुति भी की गई। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रामलला के गर्भगृह स्थल पर श्रीराम ध्वज को बदले जाने की जानकारी देते हुए बताया कि आज से प्रारंभ पूरे नवरात्र को लेकर राम मंदिर निर्माण के गर्भगृह स्थल पर लगे श्रीराम ध्वज की आरती पूजन के बाद बदल कर नया ध्वज फहराया गया है। इस दौरान वैदिक आचार्य नारद भट्टाराई तथा दुर्गा प्रसाद गौत्तम ने वैदिक विधान से ध्वज का पूजन अर्चन कराया। इस मौके पर प्रजेक्ट मैनेजर जगदीश आफले, विनोद शुक्ल विनोद मेहता व एलएंडटी व टाटा के अधिकारी भी मौजूद रहे।



