पहले पुलिसकर्मियों का होगा कोरोना टेस्ट
माघ मेला के मद्देनजर पुलिस महकमा कर रहा तैयारी
( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना संक्रमण को देखते हुए माघ मेला पुलिस भी पूरी सतर्कता बरत रही है। मेला ड्यूटी पर आने वाले सभी पुलिसकर्मियों को आमद करने से पहले कोरोना टेस्ट कराना होगा। इसी के बाद उनकी तैनाती की जाएगी। सोशलिस्ट डिस्टेंसिंग के मद्देनजर माघ मेला में बन रहे थाने और बैरक में उचित दूरी पर बेड लगाए जा रहे हैं।
आईजी केपी सिंह ने बताया कि माघ मेला में काम शुरू हो गया है। पुलिस लाइन और थानों का कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार ही निर्माण किया जा रहा है। इस बार माघ मेला में लगभग 5000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगेगी, जिसमें तीन हजार के करीब फोर्स बाहर से आएगी।
10 दिसंबर से बाहर से आने वाली फोर्स का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। बाहर से ड्यूटी पर आने वाले सभी पुलिसकर्मियों का एंटीजन टेस्ट किया जाएगा। अगर कोई बीमार या संक्रमित मिला तो आरटीपीसीआर का टेस्ट होगा। थानों में इस बार पुलिस कर्मियों के रहने के लिए भी विशेष ध्यान दिया गया है। पांच की जगह चार बेड लगाए जा रहे हैं ताकि उनके बीच में भी उचित दूरी बनी रहे।
वहीं कल्पवासियों को प्रयागराज आने से 4 या 5 दिन पहले का कोरोना टेस्ट रिपोर्ट लाने का आदेश हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर इस बार भी पैरामिलिट्री फोर्स, एटीएस के कमांडो और एसटीएफ यूनिट सक्रिय रहेगी। इसके साथ ही माघ मेला के बाहरी हिस्से गंगापार और यमुनापार में भी सीसीटीवी कैमरे लगाकर सिटी कंट्रोल रूम से लिंक किया जाएगा।
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हेलीकॉप्टर से होगी तीर्थयात्रियों की निगरानी
प्रयागराज। माघ मेला के दौरान तंबुओं की नगरी के चाक चौबंद सुरक्षा-व्यवस्था तैयार की जा रही है। इस बार प्रमुख स्नान पर्वों पर स्नानाार्थियों की निगरानी हेलीकॉप्टर से भी होगी। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं की निगरानी हेलीकॉप्टर से की जाएगी। हेलीकॉप्टर में अत्याधुनिक असलहे व उपकरण से लैस पुलिसकर्मी व सेना के जवान तैनात रहेंगे। दूरबीन से भी लोगों पर नजर रखी जाएगी। मेला क्षेत्र में करीब 100 सर्विलांस सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आई ट्रिपलसी) से जोड़ा जाएगा। कोरोना काल में पुलिस के सामने दोहरी चुनौती होगी। एक तरफ सुरक्षा का मसला होगा तो दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण से बचाव का। अनुमान है कि प्रमुख स्नान पर्वों पर भीड़ काफी रहेगी। ऐसे में पुलिस की पहली प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा होगी।



