रोजमर्रा और वकालत पेशा से जुड़े लोगों को आर्थिक मदद के लिए आयोग का गठन हो-रेवती रमण

प्रयागराज, (अनुराग दर्शन समाचार) ।राज्यसभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग किया कि कोरोना संक्रमण के कारण रोजमर्रा के रोजगार जैसे ठेला, खोमचा, खान पान ,रिक्शा चालक, ई रिक्शा चालक, टैक्सी-टैम्पो चालकों के रोजगार पर सीधा असर पड़ा है जिससें उनका परिवार आर्थिक बोझ से दब गया है जिन्हें तत्काल आर्थिक मदद की आवश्यकता है इसके लिए एक आयोग का गठन कर इनकी स्थिति का अध्ययन कर आर्थिक मदद मुहैया कराई जाय नहीं तो कोरोना से ज्यादा भुखमरी से मरेंगे या समाज में आराजकता फैलेंगी।
उन्होंने इसी तरह वकालत और इसी तरह से जुड़े और पेशे को भी आर्थिक मदद की वकालत करते हुए कहा कि विदेश के अधिकतर देशों ने अपने रोजमर्रा रोजगार वालों को नकद आर्थिक मदद किया है जिससें उनकी दिनचर्या पर ज्यादा असर नहीं पड़ा पर इसके विपरीत भारत में तो स्थिति बहुत ही दयनीय है जो सरकार से अपेक्षा लगायें बैठे हैं।
नि. सपा जिलाउपाध्यक्ष विनय कुशवाहा ने बताया कि सासंद कुंवर रेवती रमण सिंह ने प्रधानमंत्री से मांग किया है कि गोवंश संरक्षण कानून जिन राज्यों में लागू किया गया है वहाँ पर केंद्र सरकार के अनुदान कि शक्त जरूरत है नहीं तो हजारों गाय गोशालाओं मे दम तोड़ देंगी।उन्होंने कहा कि आवारा जानवरों के लिए उत्तर प्रदेश में गौशालाओं का जो स्थान हैं उसकी स्थिति बहुत दयनीय है बरसात में गाय गुठने भर कीचड़ में रहने को मजबूर हैं और उनके खानपान की स्थिति भी बहुत खराब है इसलिए प्रदेश सरकार को अनुदान दिया जाय ।
उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे ज्यादा दूध भारत में होता हैं और भारत में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन वाला प्रांत उत्तर प्रदेश हैं लेकिन दूध उत्पादन लागत की अपेक्षा दाम कम होने के कारण पशुपालकों को काफी परेशानी होती हैं इसलिए पशुपालकों के 24×7 के मेहनत को देखते हुए दूध का उचित मूल्य निर्धारित हो।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर इतना वैट आ रहा है कि इन जरूरतमंद लोगों की मदद हो सकती हैं।


