विधवा माताओं की बेरंग ’जिंगदी में घुले होली के रंग’



प्रेम की नगरी में हो रही भक्ति रस की बरसा
विधवा माताओं ने खेली फूलों की होली, जमकर उड़ाया गुलाल
मथुरा( अनुराग दर्शन समाचार )। प्रेम की नगरी वृन्दावन में भक्ति का रस बरस रहा है। इस दौरान परंपराएं भी टूट रही हैं। विधाओं की बेरंग हुई जिंदगी में होली के बहाने ही सभी कुछ रंग घोलने की कोशिश हो रही है। ब्रज की होली सबसे निराली है। वहां कई प्रकार की होली का आयोजन किया जाता है। वृन्दावन में रह रही विधवाआंे ने जमकर होली खेली। सैकड़ों साल पुरानी परंपरा की दीवार गिराकर एक बार फिर नई शुरुआत की गई। यहां आश्रय सदनों में रहने वाली विधवा महिलाएं प्रिय कन्हाई के साथ फूल गुलाल की होली खेली। जिससे उनके जीवन में इस परंपरा ने एक नई ऊर्जा भरने का काम किया। श्रीधाम वृंदावन में वर्तमान में करीब 2000 विधवा महिला हैं। इनके जीवन दुख का सागर बन गया है। ऐसे में इन्हें कुछ नई अनुभूति कराने के लिए सुलभ इंटरनेशनल ने कदम बढ़ाया था। संगठन की ओर से गोपी नाथ मंदिर में फूल और गुलाल की होली का आयोजन किया गया। उन्होंने होली के दौरान कान्हा पर फूल और गुलाल अबीर बरसाकर उन्हें होली रस से सराबोर कर दिया। विधवा महिलाओ ने होली में नाच जाने के साथ जमकर आनंद लिया। सुलभ इंटरनेशनल संस्था के अनुशार विधवाओं के जीवन में होने जा रहे। इस बदलाव से वह बेहद खुश हैं। आखिर सदियों पुरानी प्रथा को दरकिनार कर वह भी होली खेली। विधवाओं ने होली खेलने की अपनी इच्छा जब इनकी देखभाल कर रही संस्था सुलभ इंटरनेशनल के सामने जाहिर की तो संस्था के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वरी पाठक ने सहमति जता दी। वहीं इस होली को देखने आए विदेशी भक्त भी पूरी मस्ती में नजर आए ।



