Latest

इविवि प्रशासन की लापरवाही से अधर में प्रवेश प्रक्रिया

पीएचडी प्रवेश फंसा, आरक्षण रोस्टर पर नहीं लगी अंतिम मुहर

नए सत्र में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होने के आसार

( अनंत पांडेय )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) समेत संघटक कॉलेजों में ग्रीष्मावकाश के साथ पीएचडी में प्रवेश भी फंस गया है। कुलपति की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में आरक्षण रोस्टर पर अंतिम मुहर नहीं लगने से अब तक विभागों को परिणाम नहीं भेजे जा सके। कयास लगाए जा रहे हैं कि नए सत्र में पीएचडी प्रवेश प्रभावित हो सकता है।
37 विषयों में पीएचडी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का परिणाम 10 मार्च को जारी किया जा चुका है। हैरानी वाली बात तो यह है कि छह विषयों में एक भी योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले। केवल गणित में नेट-जेआरएफ में उत्तीर्ण 23 अभ्यर्थी इंटरव्यू में हिस्सा लेंगे। बाकी कुछ विषयों में इक्का-दुक्का और कुछ की सीटें पूरी तरह से खाली ही जाएंगी। इसके अलावा अन्य 31 विषयों में कुल 781 को सफलता मिली है। हालांकि, अभी लेवल-1 का रिजल्ट विभागों को नहीं भेजा गया है। इविवि के क्रेट को-आर्डिनेटर ने आरक्षण रोस्टर पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए विधिक सलाह मांगी थी। आरक्षण रोस्टर के निर्धारण पर कुलपति की अध्यक्षता में प्रवेश समिति मुहर लगाएगी। इसके बाद प्रवेश के लिए रिजल्ट विभागों को भेजे जाएंगे। पिछले सत्र में इविवि का प्रवेश प्रकोष्ठ यह तय नहीं कर सका था कि आरक्षण रोस्टर इविवि एवं संघटक कॉलेजों के सभी विभागों को एक यूनिट मानकर लागू करना है या विश्वविद्यालय और कॉलेज अलग-अलग विभागवार रोस्टर लागू करेंगे।
कोरोना का हवाला देकर अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर कोई फैसला नहीं ले सका। जबकि, तमाम निर्णय ऑनलाइन मोड में बैठक कर लिए गए। जानकारों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ऑनलाइन बैठक कर इस पर फैसला ले सकता है।
को-कॉर्डिनेटर, क्रेट-2020 प्रो. आईआर सिद्दीकी का कहना है कि परीक्षा समिति की बैठक में इस मसले पर भी कोई फैसला लेने की सिफारिश की गई है। उम्मीद लगाया जा रहा है कि कुछ निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद ही इस विषय में कुछ कहा जा सकेगा।

Related Articles

Back to top button