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सरकार से मांगा स्वास्थ्य सुविधाओं का ब्लु प्रिंट

चार वार्ड पर एक कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने का दिया निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोविड-19 के हालात पर की सुनवाई

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना महामारी के मौजूदा दौर में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को निर्देश देने के साथ खुद भी पहल की है। कोर्ट ने आम लोगों से अपील की है कि मास्क पहने बगैर घर से बाहर बिना न निकलें और सामाजिक, शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए अपना कार्य करें। सभी वकीलों से कहा है कि वे न्यायालय परिसर में मास्क पहनकर आएं और उन्हें पहने ही रहें। कोर्ट ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लागू अनलॉक-4 के बाद कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए गाइडलाइन का ठीक से पालन करना जरूरी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने क्वारेन्टीन सेंटरों एवं अस्पतालों की दशा सुधारने की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने और कोविड अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की योजना का ब्लू प्रिंट पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि जरूरी सेवाओं को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
कोर्ट ने प्रयागराज के 80 वार्डों के पार्षदों के प्रयासों एवं लोगों के सहयोग का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को प्रत्येक चार वार्ड पर एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने का निर्देश दिया है। ये नगर निगम के जोनल अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। कोर्ट ने कटरा के पार्षद अजय यादव की तारीफ की है।
कोर्ट ने जिला प्रशासन को सौ से अधिक लोगों की भीड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और इसकी निगरानी जोनल अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया है। जोनल अधिकारी एसएसपी को रिपोर्ट करेंगे और एसएसपी लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। कोर्ट ने सोशल डिस्टेन्सिंग के नियम का पालन न करने एवं बिना मास्क के घर से बाहर न जाने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, प्रयागराज के जिलाधिकारी व नगर आयुक्त से आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी मांगी है।

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