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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की निर्वाचन बैठक 25 अक्टूबर को

अखाड़ा परिषद में 10 अखाड़े शामिल

बैठक में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री सहित नई कार्यकारिणी का होगा चयन

( अनुराग शुक्ला ) हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार )। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की निर्वाचन बैठक सोमवार 25 अक्टूबर को प्रयागराज में होगी। परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरि गिरि की अगुआई में होने वाली बैठक में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री सहित नई कार्यकारिणी का चयन किया जाएगा। श्रीमहंत हरिगिरि ने दावा किया है कि बैठक को श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचायती निरंजनी, श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, श्री पंचायती आह्वान, श्री पंचायती अग्नि, श्री पंचायती निर्मला और श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन का समर्थन हासिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरिद्वार कुंभ के दौरान 26 अप्रैल को खुद को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से अलग कर अखिल भारतीय वैष्णव अखाड़ा परिषद बनाने वाली तीनों बैरागी अणियों को इस बैठक में शामिल नहीं किया गया है। रविवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने प्रयागराज रवाना होने से पहले हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। कहा कि एक माह पूर्व सभी अखाड़ों को निर्वाचन की लिखित सूचना दे दी गई थी। जिसके आधार पर नई कार्यकारिणी के निर्वाचन संबंधी बैठक का आयोजन हो रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री महंत नरेंद्र गिरि के अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान तीनों बैरागी अणियों ने खुद को अखाड़ा परिषद से अलग कर लिया था। इस कारण फिलवक्त अखाड़ा परिषद में 10 अखाड़े शामिल हैं, उन्हें ही इस बैठक में कार्यकारिणी के निर्वाचन के लिए बुलाया गया है। 21 अक्टूबर को हरिद्वार में महानिर्वाणी अखाड़े में नई अखाड़ा परिषद कार्यकारिणी के निर्वाचन को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री महंत हरि गिरि ने कहा कि वह निर्वाचन और बैठक दोनों ही गैरकानूनी और असंवैधानिक थी इसलिए उसके निर्णय का कोई भी विधिक आधार या औचित्य नहीं।
बताया कि सोमवार को प्रयागराज में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए सात अखाड़ों ने अपनी लिखित सहमति प्रदान कर दी है, जबकि महानिर्वाणी अखाड़ा बड़ा अखाड़ा उदासीन और अटल अखाड़ा से वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि यह भी बैठक में शामिल होंगे और आम सहमति तथा बहुमत के आधार पर अध्यक्ष महामंत्री सहित नई कार्यकारिणी का गठन होगा।

*अखाड़ा परिषद की एकता को भंग नहीं होने दिया जाएगा : श्रीमहंत रविंद्र पुरी*

हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार )। प्रयागराज रवाना होने से पहले रविवार को हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत में निरंजनी अखाड़ा के श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि किसी को भी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की एकता को भंग करने नहीं दिया जाएगा। परिषद की प्रयागराज में होने वाली बैठक के बाद महानिर्वाणी और बड़ा अखाड़ा उदासीन के साथ बैठक कर उनकी नाराजगी को दूर किया जाएगा। कहा कि सनातन संस्कृति के शिखर पर्व कुंभ का आयोजन अखाड़ा की एकता का प्रतिबिंब है, किसी के क्षुद्र सवार्थ की पूर्ति को इसे नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीमहंत हरिगिरि के नेतृत्व में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की योजना बैठक के बाद देश में सनातन संस्कृति की पताका लहराने की है, बताया कि इसके लिए बड़े पैमाने पर योजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही देवभूमि उत्तराखंड़ से पलायन रोकने को पहाड़ी जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। देवभूमि का धार्मिक स्वरूप बिगाड़ने को हो रही समुदाय विशेष की कोशिशों को नाकाम करने के लिए भी अखाड़ा परिषद बड़ी योजना पर काम कर रहा है। इस पर अखाड़ा परिषद के नई कार्यकारिणी के नेतृत्व में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध और असंवैधानिक तरीके से अखाड़ा परिषद के नाम पर चुनाव का खेल करने वाले संतों के कृत्य पर प्रयागराज में होने वाली बैठक में विचार-विमर्श होगा। कहा कि ऐसा कर इन लोग ने परिषद के ब्रह्मलीन अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज के अखाड़ों में एकता के प्रयास और सबको साथ लेकर चलने के प्रयत्नों पर कुठाराघात किया है, उनकी आत्मा को ठेस पहुंचाई है। परिषद की बैठक में जिसे भी अध्यक्ष व महामंत्री सहित अन्य पदों पर चुना जाएगा, वह सभी को मान्य होगा। वर्ष 2025 का प्रयागराज कुंभ इसी कार्यकारिणी की अगुआई में सफलतापूर्वक संपन्न होगा।

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