जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है ब्लैक फंगस से – डॉक्टर संजय सिंह

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोविड-19 के मरीजों का सफल इलाज होम्योपैथिक पद्धति से कर रहे शहर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक जिला होम्योपैथिक ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष डॉक्टर संजय सिंह ने कहा। उनका यह भी कहना था कि वायरस बैक्टीरिया या फंगस हमेशा से हमारे वातावरण में मौजूद रहते हैं और जब हमारी इम्यून सिस्टम किसी बीमारी या इलाज की वजह से कमजोर हो जाता है तो यह ऐसे लोगों में पहुंचकर उनको संक्रमित करते हैं।
किन लोगों को ज्यादातर सचेत रहना है।
जिनको अनकंट्रोल्ड डायबिटीज हो. लंबे वक्त तक आईसीसीयू में रहे हो. स्टेरॉइड ले रहे हो. किसी तरह का ट्रांसप्लांट हुआ हो।किडनी के मरीज हो एंटी फंगल ट्रीटमेंट चल रहा हो. कैंसर का इलाज चल रहा हो. स्टेम सेल प्रत्यारोपण हो। उपरोक्त दिक्कत यदि किसी को है और उसमें कोविड-19 के लक्षण जरा भी अगर दिखे तो लापरवाही में स्वयं से इलाज ना करें ,हल्के बुखार आने पर प्रथम दिन से ही योग चिकित्सक की सलाह ले सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें और साथ ही किसी योगा होम्योपैथिक चिकित्सा से संपर्क करके तत्काल दवा लें क्योंकि 85spo2 लेवल तक के मरीज होम्योपैथिक दवा से होम आइसोलेशन में ही हमसे ठीक हुए हैं जिसका प्रमाण भी है । आप एलोपैथिक दवा के साथ भी होम्योपैथिक दवा ले सकते हैं।
पेन्डेमिक में हल्का बुखार जुखाम खांसी को भी उसी के अनुसार इलाज होता है ना की सिंपल वायरल कह करके आप 4-5 दिन खराब करें. अगर शुरू के 1-5दिन आप सही इलाज करा लिए तो ज्यादा खराब स्थिति एवं ब्लैक फंगस तक कि स्थिति से आप बच सकते हैं.
*ब्लैक फंगस कोरोना के बाद क्यों*
क्योंकि कोरोना से इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है. न्यूट्रोफिल की कमी होती है .लंबे समय तक कर्टिकोस्टेरॉईड दवा का उपयोग. शरीर में बहुत अधिक आयरन. पोस्ट कोविड दिक्कत यदि किसी को आती है तो शुरू में ही योग होम्योपैथिक चिकित्सक से संपर्क करें क्योंकि प्रिवेंशन इस बेटर देन क्योर।


