वैचारिक ताकत और आत्मविश्वास की जरूरत होती जनेश्वर जी याद आते हैं

प्रयागराज । श्रद्धेय जनेश्वर जी संपन्नता और समानता के लिए होने वाले संघर्ष के बहुत बड़े रचनाकार थे। आज वैसे तो विछोह का दिन है, लेकिन जब-जब सार्वजनिक जीवन मे वैचारिक ताकत और आत्मविश्वास की जरूरत होती है तब-तब छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र जी याद आते हैं। उक्त बातें समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र सिंह ने आज मेजा स्थित अपने भड़ेवरा आवास पर छोटे लोहिया के नाम से प्रसिद्ध भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री जनेश्वर मिश्र के नौवीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम मे उपस्थित जनेश्वर जी के अनुयायियों को सम्बोधित करते हुए कहा।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए नरेन्द्र सिंह ने कहा कि श्रद्धेय जनेश्वर जी की मौजूदगी मे बहुत बड़ा बल होता था। आज उनकी याद को ही उनकी मौजूदगी मे परिवर्तित करने की जरूरत है।
सपा नेता नरेन्द्र सिंह ने आगे कहा कि बनावटी जीवन से कोई भी बड़ा से बड़ा आदमी समाज का भला नही कर सकता,ब्यक्ति और खासकर सार्वजनिक जीवन वाले ब्यक्ति को तो स्वाभाविक जीवन जीना चाहिए। राजनैतिक ब्यक्ति को साधु स्वभाव का होना चाहिये।
जनेश्वर मिश्र को याद करते हुए नरेन्द्र सिंह कई बार भावुक होते हुए अपने तीस सालों तक लगातार उनके साथ रहने का अनुभव भी साझा किया। कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से सर्व श्री आशीष कुमार यादव, पीयूष कुमार सिंह राजू,प्रेम चंद यादव,आलोक शुक्ला,सन्तबक्स सिंह,नरेन्द्र कुमार मिश्रा,शिवा नन्द शुक्ला,शिव बाबा निषाद, मुनि नारायण यादव,अरूण कुमार शर्मा, फिरोज़ खान, अशर्फी पाल, बाबू नन्दन यादव, राजेश कुमार शर्मा, वीरेन्द्र यादव,कृष्ण कुमार,प्रकाश शर्मा,अनुज शर्मा,सुभाष निषाद,सुरेश कुमार आदि उपस्थित थे।



