मतांतरण को देश द्रोह की श्रेणी में शामिल करके फांसी की सजा देने की मांग- शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती

इस्लामिक जिहाद पर बोलने से रोका जा रहा है- स्वामी आनंद स्वरूप
( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। ब्रह्मर्षि आश्रम में धर्म संसद की ओर से आयोजित संत सम्मेलन के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि इस्लामिक जिहाद के खिलाफ रखे जाने को लेकर बहुत दबाव बनाया जा रहा है लेकिन संत समाज इससे डिगने वाला नहीं है। 20 दिन से योगी आदित्यनाथ सत्ता में नहीं हैं। तब से इस्लामिक जिहाद पर बोलने से रोका जा रहा है। बैनर हटाने के लिए अधिकारियों की ओर से दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें योगी को लाना है। हिंदू राष्ट्र हर हाल में बनाएंगे। संत सम्मेलन में कहा गया कि हिंदू दो से अधिक बच्चे पैदा करें। क्योंकि लोकतंत्र में उसी की सुनवाई होती है, जिसकी संख्या अधिक है। संतों की एकता पर भी जोर दिया गया। धर्म संसद के अध्यक्ष स्वामी प्रबोधनंद व संचालन समिति के सदस्य स्वामी सागर सिंधुराज ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या, सनातन धर्म के सामने व्याप्त चुनौतियों जैसे अनेक मुद्दों पर चर्चा किया। स्वामी सागर सिंधु ने कहा कि हमारा किसी जाति-धर्म विशेष से विरोध नहीं है। डाक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का सम्मान है, लेकिन खाने में थूक लगाने, गोली मारने वालो का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। संत सम्मेलन में जगद्गुरु स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपिता नहीं हो सकता। राष्ट्र पुत्र हो सकता है लेकिन पिता नहीं। अगर राष्ट्रपिता है तो माता कौन है? उसे भी बताना होगा। कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री सुभाष चंद्र बोस थे। इतिहासकारों ने गलत जानकारी दी है। मतांतरण को देश द्रोह की श्रेणी में शामिल करके फांसी की सजा देने की मांग की।


