पति का था अफेयर, पत्नी ने की आत्महत्या

पिछले साल हुई थी शादी, रात में फोन पर पति से हुआ झगड़ा, सुबह फंदे से लटकी मिली,कुछ समय से मायके में ही रह रही थी युवती
(अनुराग शुक्ला) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। शंकरगढ़ में 29 साल की शादीशुदा युवती ने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। शनिवार सुबह माँ उसे जगाने गई तो मां ने घटना की जानकारी हुई। बन्द कमरे में पंखे से साड़ी के फंदे से युवती का शव लटक रहा था। मृतका के पिता का आरोप है कि इंजीनियर पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के चलते बेटी ने आत्मघाती कदम उठाया। पति का किसी और महिला से सम्बंध होने के चलते उनकी बेटी को कभी पत्नी का दर्जा नहीं मिला। तनाव के चलते कुछ महीनों से वह मायके में ही रह रही थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। शंकरगढ़ के पुरानी बाजार निवासी किराना व्यापारी लड्डू महाजन की सबसे छोटी बेटी माया उर्फ कीर्ति (29) की शादी पिछले साल 30 जून को चित्रकूट निवासी श्याम केसरवानी के साथ हुई थी। उस समय वह गुजरात के अहमदाबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। लॉकडाउन के दौरान श्याम ने नौकरी छोड़ दी।
लॉकडाउन से पहले वह अपने गांव चित्रकूट चला गया और अपना व्यवसाय शुरू कर दिया। मृतका के पिता का आरोप है कि शादी के बाद बेटी को पता चला था कि उसके पति का किसी महिला से विवाहेत्तर संबंध है। इसके चलते उसे कभी पत्नी का दर्जा नहीं मिल पाया। ऐसे ही कारणों से आए दिन घर में कलह होती थी। मृतका के पिता ने बताया कि पिछले दो-ढाई महीने से वह मायके में ही रह रही थी। ससुराल वाले यहाँ भी उसको फोन करके प्रताड़ित करते थे। 16 जुलाई की रात भी कीर्ति का उसके पति से फोन पर झगड़ा हुआ था। कुछ देर बाद खाना खाकर वह कमरे में सोने चली गई। शनिवार सुबह लगभग 10 बजे तक कमरे से बाहर नहीं आयी तो मां जगाने गई। कमरा अंदर से बंद था। आवाज लगाने पर जब कोई जवाब नहीं मिला तो माँ ने खिड़की से अंदर झांककर देखा। भीतर का दृश्य देखकर उनकी चीख निकल गई। कीर्ति पंखे से फंदे पर लटकी थी। घरवालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मामले में शंकरगढ़ थानाध्यक्ष कुलदीप तिवारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मृतका का अपने ससुरालवालों से विवाद चल रहा था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
तीन बेटों की पहले ही हो चुकी मौत, अब एक बेटी की भी मौत…..
व्यापारी के तीन बेटों की पहले ही अलग-अलग कारणों से मौत हो चुकी है। बेटों की मौत से पहले से टूट चुके बूढ़े मां-बाप के ऊपर बेटी की मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।



