कुंभगंगा तट से

14 जनवरी से शुरू होगा महाकुंभ, 4 मार्च को अंतिम स्नान, क्यों हुआ अखाड़ा परिषद नाराज

इलाहाबाद: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में अगले वर्ष जनवरी में शुरु होने वाले 50 दिवसीय अर्धकुंभ मेले का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। पवित्र गंगा के जल में डुबकी लगाने के लिए बड़े स्नानों की तिथियों की घोषणा की गई है। अर्धकुंभ मेंले में करोड़ों श्रद्घालुओं और पर्यटकों के भाग लेने की आशा है। राज्य सरकार द्वारा वार्षिक माघ, अर्धकुंभ और कुंभ मेलों के प्रबंधन के लिए प्रयागराज मेला और प्राधीकरण कमेटी का गठन किया गया है, उसके अनुसार 14 जनवरी 2019 को पहला धार्मिक समारोह शुरु होगा, जिसके साथ ही मकर संक्राति के पहले आधिकारिक स्नान से मेला शुरु हो जाएगा और 4 मार्च को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ समाप्त होगा।
Yashbharat

इलाहाबाद डिवीजनल कमीश्नर आशीष गोयल की अध्यक्षता में हुई जिला प्रशासन अधिकारियों की बैठक में इन तिथियों का फैसला किया गया। इस बड़े धार्मिक मेले में अन्य आधिकारिक स्नानों में 21 जनवरी को पौष पूर्णिमा, 4 फरवरी को मौनी अमावस्या, 10 फरवरी को बसंत पंचमी और 19 फरवरी को माघी पूर्णिमा के बड़े स्नान भी शामिल है।
Yashbharat
हिंदू संतों की प्रमुख संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (ABAP) ने कार्यक्रम के अंतिम रुप देने की प्रक्रिया में उसे शामिल न करने पर रोष व्यक्त किया है। परिषद के प्रधान स्वामी नरेंद्र गिरि ने कहा है कि परिषद की सहमति के बिना कुंभ मेले के कार्यक्रम को अंतिम रुप देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि परम्परागत रुप से ABAP मेले की तिथियों को अंतिम रुप देने की प्रक्रिया में एक हिस्सा होता है। मगर इस बार हमें दरकिनार कर दिया गया है। ये मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ध्यान में लाया जाएगा। अगर कुंभ प्रशासन ने हमें नजरअंदाज रखा तो परिषद के संत कुंभ 2019 का बहिष्कार करेंगे।
Yashbharat
कुंभ मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। केन्द्र और राज्य सरकार ने इसके लिए 2500 करोड़ रुपया आबंटित किया है। केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय विदेशों में इस बड़े धार्मिक मेले के बारे में लोगों में जागरुकता पैदा करने के लिए खासकर यूरोपीय देशों में रोड शो आयोजित कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button