
खैरागढ़ सीतापुर (अनुराग दर्शन समाचार )। महंत बजरंगमुनि उदासीन ने शासन से मांग की है कि जिहादियों के हाथ मरवाने से अच्छा शासन स्वयं अपने हाथों से मार दे महंत बजरंग मुनि उदासीन ने शासन से यह मांग की है कि जिहादी लगातार दो साल से उन्हें मारने का असफल प्रयास कर रहे हैं परंतु प्रशासन द्वारा कोई कठोर कार्यवाही नहीं की जा रही है । महंत बजरंगमुनि पर हुए जानलेवा हमले के तीन आरोपी खुला घूम रहे हैं एवं आश्रम व महंत की रेकी कर रहे हैं । इसके पूर्व भी महंत के ऊपर जानलेवा हमले की दसों प्रयास किए गए ।इसमें इसकी शिकायत महंत ने प्रशासन को दी परंतु कोई कठोर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद 16 फरवरी को महंत को चाकुओं से गोद डाला परंतु मां की कृपा से महंत के प्राण सुरक्षित हैं । वह आज पैरों से चलने में असमर्थ हैं । इसी क्रम में पुनः उनके पर जानलेवा हमला करने के लिए जिहादियों द्वारा उनकी रेकी की जा रही है । आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि महंत के ऊपर जितनी बार भी हमले हुए उस समय डेढ़ सेक्शन पीएसी पुलिस गारद एवं एवं एक सरकारी सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे जिहादियों का हौसला बुलंद है । मात्र मुख्यमंत्री आवास से 70 किलोमीटर दूर खैराबाद सीतापुर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र जहां पर मुस्लिमों द्वारा हिंदुओं को प्रताड़ित किया जाता है। एवं खैराबाद नगर पालिका क्षेत्र जहां पर भारतीय संविधान को नहीं माना जाता है । सिर्फ वहां तालिबानी फरमान चलता है । हिंदू की बहू बेटियों का बलात्कार हो गया हिंदुओं के घर पर कब्जा हिंदुओं के धार्मिक स्थल हिंदुओं की बस्तियों को जाने वाले मार्गों को बंद कर दिया जाता है। बार-बार कोशिश करने के बाद भी हिंदुओं को किसी तरह भी न्याय नहीं मिल पाता महंत बजरंग मुनि उदासीन ने कहा कि वह 2 साल से शासन प्रशासन से न्याय मांग रहे हैं परंतु उन्हें सिर्फ मिला तो जानलेवा हमला उन्होंने कहा कि वह जिहादियों के हाथ नहीं मरना चाहते हैं महंत ने खैराबाद को बताया उत्तर प्रदेश का मेवात।


