महंत बजरंग मुनि उदासी पर हमले का प्रयास, केस दर्ज

नैमिषारण्य के साधु संत भी महंत से मिलने पहुंचे
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। लखनऊ से 70 किलोमीटर स्थित सीतापुर से खैराबाद कस्बे में महंत पर हमले का प्रयास हुआ। घटना के बाद कुछ देर तक बीसीएम अस्पताल के करीब हंगामा भी रहा। महंत ने आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया है। फिलहाल अज्ञात युवक पकड़ा नहीं जा सका है। थानाध्यक्ष का कहना है कि महंत जिस समय एक युवक द्वारा हमले के प्रयास की बात कह रहे हैं। उस समय उनके साथ सरकारी गनर और निजी सुरक्षाकर्मी मौजूद था। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। खैराबाद थाना क्षेत्र के कस्बा स्थित बड़ी संगत के महंत बजरंग मुनि दास किसी काम से सोमवार सुबह निकले थे। बताते हैं कि वे जब बीसीएम चौराहे के करीब पहुंचे तो किसी युवक ने हमले का प्रयास किया। इसके बाद महंत के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी ने उसे पकड़ लिया लेकिन वो भाग निकला। गंभीर प्रकरण को लेकर महंत ने तत्काल खैराबाद पुलिस को सूचना दी। जानकारी पाकर एसओ अंबर सिंह पहुंचे गए, पीछे से एसडीएम सदर अमित भट्ट और सीओ सिटी पीयूष सिंह भी पहुंच गए। महंत का आरोप था जिन लोगों ने उन पर पहले हमला किया था, वहीं लोग उनके पीछे लगे हैं। आरोप यह भी था कि पुलिस उन सब लोगों के लिए नर्मी बरत रही है। गंभीर मामले में निरुद्ध आरोपियों का चालान 151 में किया गया। कई और गंभीर आरोप जिला प्रशासन पर लगाए। इन्हीं दावों के बीच पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। थानाध्यक्ष खैराबाद अंबर सिंह का कहना है कि जिस समय महंत एक युवक पर हमले के प्रयास की बात कह रहे हैं, उस समय उनके साथ एक सरकारी गनर और निजी सुरक्षाकर्मी सहित कुछ अन्य लोग भी कार में सवार थे। फिलहाल बीसीएम अस्पताल के करीब लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। आरोपों के आधार पर अज्ञात हमलावर के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। उधर, मामले की सूचना मिलने पर नैमिषारण्य के साधु संत भी महंत से मिलने पहुंचे।
*कहीं लापरवाही पड़ न जाए भारी*
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कागजी दांव-पेचों में जमीन का मामला फंसा हुआ है। महंत का दावा जमीन पर है, वहीं दूसरा भी पक्ष तमाम कागजों के सहारे जमीन पर खुद के दावे कर रहा है। महंत ने जमीन को लेकर पहले भी कई शिकायती पत्र प्रेषित किए, महंत की मानें तो प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इसी कारण पूर्व में दो संतों की हत्या हो चुकी है जिसकी जांच चल रही है यही कारण है कि विवाद बढ़ता चला गया। आरोप है कि विपक्षी दबंग हैं। हर बार इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई ना होने की वजह से यह मन बढ़ हो गए हैं और आए दिन संतो के ऊपर हमला करते हैं।




