शिक्षण संस्थानों में सनातन धर्म के धर्मग्रंथों का पठन-पाठन अनिवार्य किया जाय-शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर के पण्डाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन सत्र में कहा कि सरकार मठ-मन्दिरों को तत्काल सरकारी नियंत्रण से मुक्त करे | सनातनी श्रद्धालुओं द्वारा मन्दिरों में अर्पित धन का सरकार दुरुपयोग कर रही है | मन्दिरों में हिन्दू श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धन का सदुपयोग सनातन धर्म के संरक्षण एवम् सम्बर्धन में किया जाना चाहिए | पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि सरकार तत्काल १९५४ के मठ-मन्दिरों अधिग्रहण एक्ट कानून को समाप्त करे, जिसके द्वारा मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण में लेने सम्बन्धित प्राविधान है | इसके साथ ही साथ धारा २९ और ३० को समाप्त कर शिक्षण संस्थानों में सनातन धर्म के धर्मग्रंथों का पठन-पाठन अनिवार्य किया जाय, जिससे समग्र विश्व में शान्ति एवम् सौहार्द का वातावरण निर्मित हो सके | मात्र सनातन धर्म ही “ सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:——की कामना करता है | सनातन धर्म की मजबूती से ही विश्व मांगल्य कर विश्व बन्धुत्व की भावना स्थापित कर सकती है | सनातन धर्म का ही उद्देश्य “ कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” है |



