करोड़ों की ठगी के आरोपी को जमानत नहीं
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। रिटायर अधिकारी के साथ करोड़ों की ठगी और धोखाधड़ी करने के आरोपित झूंसी निवासी योगेश कुमार तिवारी का जमानत प्रार्थना पत्र सेशन न्यायालय ने खारिज कर दिया।
यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती रागिनी ने आरोपित के अधिवक्ताओं व शासकीय अधिवक्ता त्रियुगीनारायण दिक्षित, श्रीप्रकाश शुक्ल एवं वादी प्रभात चंद्रगुप्त के अधिवक्ता के तर्कों को सुन कर दिया।
अदालत ने कहा कि अभियुक्त पर आरोप है कि उसने वादी मुकदमा से उसकी संपत्तियां धोखा देकर ब्लैकमेल करते हुए एवं धमकी देकर नाजायज बैनामा लिखवाया है। सभी रजिस्ट्री बाजार मूल्य से बहुत कम दामों पर और वादी मुकदमा से क्रय मूल्य से आधे दामों पर फर्जी बैनामा प्राप्तकर करना बताया गया है जिस के संबंध में शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया गया है। इस प्रकार आरोपी द्वारा कारित अपराध गंभीर प्रकृति का है और उसका समान प्रकृति के मामलों से संबंधित अपराध कार्य किए जाने का आपराधिक इतिहास भी है इसलिए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने योग्य है।
इफको फूलपुर के रिटायर अधिकारी प्रभातचंद्र गुप्त ने झूंसी थाने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी नौकरी के दौरान बचाए हुए रुपयों से त्रिवेणीपुरम में अपने लड़कों के लिए मकान व प्लॉट खरीदा था। वर्ष 2019 में आरोपित योगेश कुमार तिवारी ने उसे प्रलोभन और धोखा देकर उसकी कई संपत्तियों का अपने पक्ष में बैनामा करवा दिया जोकि पूर्व में खरीदे गए मूल्य से आधे कीमत में फर्जी रूप से लिखवा लिया।



