इस्तीफे के लिए शपथ लेना जरूरी नहीं
पंचायत सदस्य के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश
( विनय मिश्रा )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक निर्णय में कहा है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने जाने के बाद इस्तीफा देने के लिए शपथ लेना जरूरी नहीं है। बिना शपथ लिए भी इस्तीफा दिया जा सकता है। कोर्ट ने वाराणसी की चिरई गांव क्षेत्र पंचायत सदस्य कौशल का इस्तीफा अधिकारी को प्राप्त तिथि से प्रभावी करार दिया है। लेकिन इस्तीफे से रिक्त सीट का चुनाव कराने की याची की मांग अस्वीकार कर दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस एवं न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने क्षेत्र पंचायत चिरईगांव के निर्वाचित सदस्य कौशल की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। दो मई 2021 को क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव परिणाम घोषित किया गया, जिसमें याची विजयी हुआ।लगभग एक महीने में ही उसने जिलाधिकारी को सदस्य पद से इस्तीफा भेज दिया, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। सरकारी अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाहा का कहना था कि 11 नवंबर 2010 के शासनादेश में कहा गया है कि शपथ के बिना इस्तीफा नहीं दिया जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि याची धारा 11(1) के तहत चुना गया सदस्य है। इस्तीफा व्यक्तिगत कार्य है। इस संबंध में कानून स्पष्ट नहीं है। धारा 11(2) के अनुसार सदस्य क्षेत्र पंचायत प्रमुख को इस्तीफा भेज सकता है। दो जून 2021 के शासनादेश के अनुसार एसडीएम के पास प्रमुख का पदभार है तो इस्तीफा सही जगह दिया गया है। चुना गया सदस्य भी इस्तीफा दे सकता है। इसके लिए शपथ ग्रहण करना जरूरी नहीं है। इस्तीफा मिलते ही प्रभावी हो गया। उस पर आदेश दिए जाने की आवश्यकता नहीं होती।




