पंचायत सहायक भर्ती: कोरोना से मरने वालों के परिजनों को वरीयता
( अनंत पांडेय)प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। पंचायत सहायक की भर्ती प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। शासन ने इस भर्ती में कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रितों को वरीयता देने के लिए व्यवस्था की है। भर्ती का आधार इंटर की मेरिट होगी, लेकिन गांव में कोई ऐसा व्यक्ति आवेदन करता है जिसके पिता या पति की मृत्यु कोरोना से हुई है और वो आरक्षण नियमों को पूरा कर रहा है तो उसकी मेरिट नहीं देखी जाएगी। उसे अन्य अभ्यर्थियों पर वरीयता दी जाएगी।
अगर गांव में दो या इससे अधिक लोग ऐसे आवेदन करते हैं, जिनके पिता या पति की मृत्यु कोरोना से हुई है तो फिर ऐसे लोगों की मेरिट देखी जाएगी। डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि जो शासनादेश आया है उसमें यह व्यवस्था की गई है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से जारी शासनादेश में फॉर्म का एक प्रारूप भी है। इसमें आवेदक का नाम, पता, पिता या पति का नाम, गांव, शैक्षणिक योग्यता आदि के बारे में पूछा गया है। वहीं एक कॉलम में यह भी दिया गया है कि आवेदक कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रित हैं या नहीं। इस बाबत पूछने पर डीपीआरओ ने बताया कि यह व्यवस्था है कि कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों की मेरिट नहीं देखी जाएगी।
पंचायत सहायक के लिए आवेदन दो से 17 अगस्त तक होना है। इन दिनों विकास भवन में पंचायती राज विभाग, अपने ब्लॉक के विकास खंड कार्यालय या फिर ग्राम पंचायत कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। 18 से 23 अगस्त के बीच सभी आवेदन डीपीआरओ और बीडीओ दफ्तर से ग्राम पंचायत दफ्तर भेजे जाएंगे। 24 से 31 अगस्त तक इसकी ग्राम पंचायत स्क्रूटनी करके डीपीआरओ को देगी। एक से सात सितंबर तक डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति आए आवेदनों की एक बार फिर जांच करेगी। आठ सितंबर से 10 सितंबर के बीच नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होगी।




