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हर बूथ और विधानसभा जीतने की तैयारी में जुटे बसपाई

( विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। बहुजन समाज पार्टी के तत्वावधान में बारा विधानसभा के सेक्टर संख्या- 30 जारी, बूथ संख्या- 233, 234 गड़ेया कला और बूथ संख्या-235, 236 गड़ेया खुर्द का गठन रंग निर्देशक प्रयागराज मण्डल के मण्डल सेक्टर प्राभारी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रामबृज गौतम की अध्यक्षता में की गई। प्रयागराज मण्डल के मण्डल सेक्टर प्राभारी रामबृज गौतम ने बताया कि हजारों वर्षों बाद बहुजन समाज को यदि सम्मान मिलना शुरू हुआ तो यह तो यह डा. अम्बेडकर की बदौलत ही सम्भव हो पाया है।बाबासाहेब ने दुनियां का सबसे खूबसूरत भारतीय संविधान दिया है जिसमे इन्सानो के साथ साथ पशु पक्षियों और पेड़ पौधों की भी सुरक्षा की बात कही गयी है। बहुजन समाज की एक आदत है भूलने की जिन्हें कैडर के द्वारा बीच बीच मे जगाते रहने की जरूरत है। आज जरूरत है आपसी भाईचारा को मजबूत करते हुये संगठित होने की। देश के अन्य राज्यो में ओबीसी समाज से बन रहे मुख्यमंत्री और केन्द्र और राज्य में ओबीसी समाज से बन रहे सांसद और विधायक यहाँ तक कि मंत्री भी जो बनाये जाते रहे है सब बीएसपी की देन है। बीएसपी बनने 1984 से पूर्व ओबीसी समाज से मात्र अंगुली पर गिनने मात्र के सांसद, विधायक हुआ करते थे मंत्रिमंडल में इनकी संख्या शून्य होती थी। गौतम ने आगे बताया कि 1984 से गली गली मोहल्ले मोहल्ले जाकर कांशीराम साहब बहुजन महापुरुषों के विषय मे बताने और बहुजन समाज को जगाकर संगठित करने का कार्य न किये होते तो तथाकथित व्यवस्था के लोग डा. अम्बेडकर का नाम इतिहास के पन्नो से कबका मिटा दिये होते। बाबासाहेब की अंगुलियों का एक ही इसारा है ओ है वोट। एटमबम से भी ताकतवर है वोट। वोट दोधारी तलवार है, सही प्रयोग करने से दुश्मन का सफाया और गलत प्रयोग किया तो खुद का सफाया हो जाएगा। बहुजनों के खोये हुये मान सम्मान और स्वाभिमान को प्राप्त करने के लिये बहुजन समाज पार्टी को बूथ और विधानसभा जिताकर बहन मायावती को पांचवी बार यूपी का मुख्यमंत्री बनाना है।
बूथ गठन की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष बारा मनोज कुशवाहा, सेक्टर महासचिव कृष्ण गोपाल बिन्द, लवकुश कुमार बिन्द, श्यामलाल चौधरी, रामलाल चौधरी, लक्ष्मण प्रसाद चौधरी, छोटेलाल चौधरी, विजय कुमार, लालमन, विमल कुमार, सुरेन्द्र कुमार, चंद्रमा प्रसाद बिंद, सुशील कुमार, राजेश कुमार, मोहित लाल, शिव कुमार साकेत, शिव बहादुर साकेत, गुड्डी देवी, सविता देवी के साथ सैकड़ो महिलाएं उपस्थित रही।

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