प्रयागराज जोन टीटीई फर्जी रोस्टर मामला: सीसीएम गतिविधियों पर रेल मंत्रालय की नजर

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । उत्तर मध्य रेल प्रयागराज जोन में टीटीई की फर्जी रोस्टर मामले में सीनियर अफसरों की सनलिप्तता सामने आ रही है।
सीसीएम गतिविधियों पर रेल मंत्रालय की नजर
रेलवे बोर्ड जांच की कर रहा है मोनिटरिंग, सीसीएम की आय से
अधिक संपत्ति की जांच करेगी ईडी
सीसीएम की गतिविधियों पर रेल मंत्रालय के निर्देश पर रेलवे बोर्ड नजर रख रहा है। शिकायत के बाद सीसीएम की आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच भी जल्द प्रारंभ होगी ।
जांच की मोनिटरिंग रेलवे बोर्ड लगातार कर रहा है। वर्षों से ड्यूटी न करने वाले टीटीई दो दिनों से स्टेशन पर नजर आने लगे हैं ।
सीनियर डीसीएम टू की भूमिका संदिग्ध रही । फर्जी रोस्टर मामले में प्रयागराज मंडल के सीनियर डीसीएम टू की भूमिका संदिग्ध है ।
गौरतलब हो कि लगातार शिकायत के बाद सीसीएम के मौखिक आदेश पर सीनियर डीसीएम टू विपिन सिंह सीआईटी लाइन एस के पाण्डेय के खिलाफ कोई भी कारवाई नहीं किया। सूत्रों ने बताया कि लॉबी में ड्यूटी के लिए दो रजिस्टर बनाए गए थे।
फर्जी हस्ताक्षर सचिन कनौजिया एवं राजीव रंजन करते रहे। शिकायतकर्ता ने दोनों टीटीई के रोस्टर से हस्ताक्षर मिलान कराए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता को मिल रही है
धमकी
भ्रष्टाचार के मामले की शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता संतोष उपाध्याय को लगातार धमकी मिल रही है। संतोष के मुताबिक सीसीएम का नाम लेकर एक दर्जन से अधिक लोगों ने शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं । शिकायतकर्ता ले बताया कि इस संबंध में वे एसएसपी से मिलकर संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लगाए जाने की मांग करेंग ।
गौरतलब हो कि लगातार शिकायत के बाद सीसीएम के मौखिक आदेश पर सीनियर डीसीएम टू विपिन सिंह सीआईटी लाइन एस के पाण्डेय के खिलाफ कोई भी कारवाई नहीं किया। सूत्रों ने बताया कि लॉबी में ड्यूटी के लिए दो रजिस्टर बनाए गए थे।
फर्जी हस्ताक्षर सचिन कनौजिया एवं राजीव रंजन करते रहे। शिकायतकर्ता ने दोनों टीटीई के रोस्टर से हस्ताक्षर मिलान कराए जाने की मांग की है।
प्रमोट हुए टीटीई का नहीं हुआ ट्रांसफर
पिछले वर्ष प्रयागराज मंडल में टीटीई से सीआईटी के पद पर प्रमोट हुए चेकिंग स्टाफ में से चार पांच की तैनाती दी गई है। ज्ञात हो कि 4 फरवरी 2021 को 45 टीटीई सीआईटी के पद पर प्रमोट हुए थे। प्रमोट किए गए टीटीई को अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित किए गए थे ।लेकिन सीनियर डीसीएम टू ने गिनती के लोगों को कार्य मुक्त किया ।
शेष प्रमोट हुए टीटीई प्रयागराज में ही जमे है। इससे भी सीसीएम और डीसीएम टू की संलिप्तता उजागर हो रही है। सीसीएम की आय से अधिक संपत्ति की जांच शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वे छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सीसीएम को बचाया जा रहा है ।
सीसीएम की अवैध कमाई की जांच की जाए तो करोड़ों रूपय आय से अधिक मिलेंगे । आरोप है कि सीसीएम के संरक्षण में प्रयागराज जोन के तीनों मण्डलों में भ्रष्टाचार फल फूल रहा है । रेलवे बोर्ड उनकी संपत्ति एवं भ्रष्ट कार्यों का ब्योरा जुटा रही है ।



