दरोगा-सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश

( विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। सेना के हवलदार और उसके परिवार के लोगों को मारने-पीटने व गाली देने के मामले में अदालत ने सोरांव थाने के दरोगा व पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र नाथ ने सेना में तैनात हवलदार मलखान सिंह के प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर दिया। अदालत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज को आदेश दिया कि इस मामले में एफ आई आर दर्ज कर विवेचना की जाए और न्यायालय को इससे अवगत कराया जाए।
आवेदक मलखान सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया कि वह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर है और उसका तबादला लेह लद्दाख हो गया। ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए 20 मार्च 2020 को उसे जाना था लेकिन लॉकडाउन लग जाने के कारण उसे रुकना पड़ा। पड़ोस के रहने वाले राजकुमार पटेल के यहां पति-पत्नी का आपसी विवाद था, जिस पर थाना सोरांव की पुलिस आई। समझाने की बजाय जोर-जोर से गालियां देने लगे। पुलिसकर्मियों को गाली देने से मना किया, जिस पर सबइंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, सिपाही दिनेश शुक्ल, सुशील सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे व उसके भाई मंगल सिंह को मारा-पीटा। विरोध करने पर उसकी पत्नी के साथ पुलिस ने अश्लील हरकतें की। न्यायालय के समक्ष दिए प्रार्थना पत्र में आवेदक ने पुलिस लॉकअप के अंदर मारने-पीटने का भी आरोप लगाया, जिससे सेना के हवलदार की उंगली टूट गई। रिमांड के दौरान न्यायालय में चोट का कारण पूछने पर पुलिस कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाई थी। हवलदार ने जेल से रिहा होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मुकदमा पंजीकृत कर 15 दिन के भीतर न्यायालय को अवगत कराने का आदेश पारित किया।




