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फर्जी रोस्टर मामला: परेशान सीसीएम का नया पैंतरा, इन टीटीई TTI पर भी लटकी तलवार

( वरिष्ठ संवाददाता ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। रोस्टर प्रकरण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

जांच अधिकारी मामले में कर रहे लीपापोती

मुख्यालय और मंडल के बीच दो गुटों में बंटे कर्मचारी

इस मामले मैं अभी तक 2 कर्मचारियों को चार्जसीट दी गई है। सीसीएम के दबाव में सीआईटी सहित अन्य कर्मियों की जांच पर प्रभाव डाला जा रहा है। जांच अधिकारी सीसीएम के प्रभाव में जांच पर लीपापोती कर रहे हैं। प्रयागराज, झांसी, आगरा, कानपुर, टूंडला सहित अन्य स्थानों पर लगातार जांच चल रही है।

रोज नए खुलासे

रोस्टर प्रकरण में रोज नए खुलासे हो रहे है। इस मामले में मुख्यालय और मंडल के अफसर दो गुटों में बट गए हैं। सीसीएम के दबाव में जांच प्रभावित हो रहा है यह शिकायतकर्ता का आरोप है । कि रोस्टर प्रकरण में व्यापक अनियमितता पकड़े जाने के बावजूद सीसीएम जांच अधिकारी पर दबाव डालकर अपने खास कर्मियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। चर्चा है कि सीआईटी रोस्टर और लाइन की मिलीभगत से रोस्टर पर तमाम टीटीई के फर्जी हस्ताक्षर और एक ही गाड़ी में ड्यूटी कराई गई।

 

फर्जी हस्ताक्षर और एक ही ट्रेन में ड्यूटी

 

फर्जी हस्ताक्षर और एक ही ट्रेन में ड्यूटी के मामले की जांच लगभग पूरी हो गई है। जांच के बाद सीआईटी लाइन और सीआईटी रोस्टर को चार्जसीट थमा दी गई है। अन्य कर्मचारियों से पूछताछ जारी है। वहीं दूसरी तरफ विजिलेंस की टीम सीसीएम के कारनामों की जांच कर रही है। रेल सूत्रों ने बताया की जांच के दौरान एनसीआर के तीनों मंडलों में भारी अनियमितता मिली है।

 

सीटीआई के बयान के बाद पैसा लेना और फर्जी हस्ताक्षर की बात साबित हो गई है। सूत्रों की माने तो जांच अधिकारी दबाव में शिकायत कर्ताओं का बयान नहीं लिया है। बयान न लेने के बाद भी जांच अधिकारी ने जांच को पूरा कर कार्यवाही के लिए जांच रिपोर्ट उच्च अफसरों को भेज दी है।

सीआईटी रोस्टर की विभागीय जांच के आदेश

रेल सूत्रों कि माने तो सीआईटी रोस्टर की विभागीय जांच प्रारंभ हो गई। इस संबंध में पूछने पर रेल विभाग के अफसरों ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। सूत्रों ने बताया कि सीआईटी रोस्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला साबित हो चुका है।

आरोप साबित होने के बाद सीआईटी रोस्टर से जवाब मांगा गया। जबाव से संतुष्ट न होने पर विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई। वहीं स्टेशन पर पूरे दिन उनके रिमूव होने की चर्चा चलती रही।

इन टीटीई पर भी लटकी तलवार

रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक प्रयागराज मंडल के करीब 125 टीटीई पर जांच की तलवार लटक रही है। सूत्रों ने बताया कि घर बैठे डयूटी करने वालो में कई महिला टीटीई भी हैं। सुविधा शुल्क देकर अनेक टीटीई ने एक ट्रेन में ड्यूटी भी की है। रेलवे इन टीटीई सरिता श्रीवास्तव, कृष्णा शर्मा, ज्योती सक्सेना, पुष्पलता जैसवार, मिट्ठू गांगुली, सन्तदेवी, पूनम सिंह, संगीता कुमारी, रूपाली घोष, सिंह मनोज, संतोष कुमार 1.संजय कुमार 1, इरशाद अहमद, शकील खान, अजय कुमार 1, मसरूर अहमद, रमेश कुमार, ए0के0 सिंह, ए0के0 घोष, रणविजय सिंह, कमरूल इस्लाम, रवि मुकुन्द, मो0 अकमल सिद्दीकी, जे०एन0सिंह, चितंजन, अजहर अब्बास, सचिन कनौजिया राकेश रंजन, सुरेन्द, अभिनन्दन मिश्रा, चितरंजन कुमार, अजहर अब्बास, दुर्गेश नन्दनी, अर्चना कुमारी, अनुबन्धिता उपाध्याय, अभिषेक कुमार, अजीत चौबे, अनुराग कपूर, अरविन्द कुमार,
आशीष कुमार, अशोक तिवारी, सुरेश सिंह पीपी पाण्डेय, एसके शुक्ला, सिंह मनोज,शिवमूर्ती आरके यादव, यूएस द्विवेदी, प्रिन्स श्रीवास्तव, जितेन्द्र यादव, डी0डी0 गुप्ता, दुर्गेश नन्दन, घनश्याम श्रीवास्तव, हरिशंकर शर्मा, हृदय नरायन, इरसाद अहमद, जावेद अहमद, केसी गौड़, मनीष वर्मा, मनोज श्रीवास्तव, रामकुमार, मूल चन्द्र यादव,मुन्ना कुमार, सुधीर कुमार, नरेन्द्र कुमार सिंह , पीसी मिश्रा, रमेश चौबे, प्रशान्त रंजन अनन्त कुमार शर्मा, आरएम त्रिपाठी, राहुल पाण्डेय, राकेश कुमार, एसएन भारतीया. सन्तलाल बिन्द, संतोष सिंह, शिवशक्ती, सुबोध कुमार सहित सकैड़ो अन्य के खिलाफ भी जांच चल रही है।

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