फर्जी रोस्टर मामला: NCR एनसीआर के तीनों मंडलों में भ्रष्टाचार चरम पर

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन में रोस्टर मामला गहराता जा रहा है। जोन के मुख्य वाणिज्य अधिकारी को बचाने के लिए अफसरों का एक धड़ा अन्य अफसरों के खिलाफ अनर्गल आरोप मढ़ रहे हैं। विजिलेंस विभाग सीसीएम के उपर लगे आरोपों की जांच कर रहा है।
प्रोन्नत सीआईटी को रिलीव किया गया
कई वर्षों से मण्डल सीआईटी के पद पर बने हुए हैं
सीसीएम चार साल से एनसीआर में जमे हैं। यही कारण है कि एनसीआर के तीनों मंडलों में भ्रष्टाचार चरम पर है। सीसीएम के दबाव में जांच को प्रभावित किया जा है। शिकायतकर्ता ने सीसीएम को हटाने के लिए रेलमंत्री और सीआरबी को पत्र लिखा है।
*चार साल से जमे हैं एनसीआर में*
सीसीएम एम एन ओझा पिछले चार साल से एनसीआर में जमे हैं। तीनों मंडलों में शिकायत के बाद जांच शुरू हुई तो, रोस्टर फर्जीवाड़ा सामने आया। सूत्रों ने बताया कि अगर सीसीएम और सीआईटी रोस्टर की सीडीआर की जांच हो तो कई और तथ्यों का खुलासा होगा।
*रहना है 300 किलोमीटर दूर उच्च अधिकारियों के आशीर्वाद से मंडल में ही टिके हैं*
*कई वर्षों से मण्डल सीआईटी के पद पर बने हुए हैं*
रेल के सूत्र बताते हैं मंडल प्रयागराज में सबसे जूनियर उत्तम श्रीवास्तव कई वर्षों से मण्डल सीआईटी के पद पर बने हुए हैं। उनके लिए सीसीएम ने आदेश दिया है कि कम से कम 300 किलोमीटर की दूरी पर ही पदस्थ किया जाए । सीसीएम के वरदहस्त प्राप्त उत्तम छिवकी और मिर्जापुर के बाद प्रयागराज में ही जमे है। सालों से ज्यादा इसी पद पर जमे हुए हैं। जो कि एक जिम्मेदार पद है और इस पद पर रहते हुए यह कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया । अपने चहेतों को यह सीआईटी स्टेशन और सीआईटी लाइन पर कार्य करने के लिए दबाव बनाते हैं। इसके लिए पिछले सीसीएम ने आदेश किया था कि उत्तम को मुख्यालय से 200 किलोमीटर की दूरी पर रखा जाए। परंतु इनको मंडल में बैठा कर इनसे कार्य लिया जा रहा है। जो अपने आप में भ्रष्टाचार को साबित करता है। सीआईटी पद पर रहते हुए रोस्टर घोटाला हुआ जिस पर पर्दा डालने के लिए जांच कमेटियों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है वही शिकायतकर्ता ने डीआरएम को पुनः पत्र देकर इसकी निष्पक्षता से जांच कराए जाने की मांग की।
*प्रोन्नत सीआईटी को रिलीव किया गया*
रेलवे के सूत्र यह बताते हैं कि 2020 में 45 टीटीई का प्रमोशन हुआ। 4 फ़रवरी 2021 को प्रमोट हुए सीआईटी को अन्य स्टेशन पर स्थांतरित कर दिया गया। लेकिन सीसीएम के दबाव में सीनियर डीसीएम 2 ने उन्हें रिलीव नहीं किया। अनुराग दर्शन की खबर के बाद शुक्रवार को प्रमोट हुए सीआईटी को रिलीव कर दिया गया। रेल मंत्रालय द्वारा बार-बार रिन्यूअल के पत्र आते रहे। वही सीसीएम के दबाव में इनको रोका गया जो एक अपने आप में बड़ा घोटाला नजर आता है ।
*फरवरी में हुआ था प्रमोशन के साथ रिन्यूअल सी सी एम के दबाव में रुके हैं अभी तक*
रेलवे सूत्रों द्वारा पता चला है फरवरी में 45 कर्मचारियों का प्रमोशन हुआ था । उसी के साथ इनका दूसरे स्थानों पर रिन्यूअल के आदेश हुए थे। परंतु यह अभी तक प्रयागराज के मुख्यालय पर जमे हुए हैं जो रोस्टर घोटाले में अहम भूमिका निभाते हैं। जिनमें मुख्य रुप से वीरेंद्र प्रसाद, सुमित कुमार तेजपाल ,विवेक कुमार, शिवदास सिंह, सुरेश कुमार, निशि कांत सिंह, अरुण कुमार दीपक कुमार सिंह सुशील कुमार अनंत कुमार शर्मा रमेश चौबे रितेश वाधवा चंद्रा पाल ज्ञानराम सरकुआ हाशमी शायद जफर आसाराम विजय बहादुर पाल अजीत सिंह नजा अख्तर प्रशांत गौर संतलाल बिंद मूल चन्द्र यादव दीपक कुमार जयूल इस्लाम भगवानश्री, आलोक कुमार यादव शिव कुमार प्रजापति अरविंद कुमार प्रजापति कुशल कुमार प्रभात चंद्रा बबीता अभिषेक कुमार मनीष गौरव खरे मिथिलेश कुमार मनीष कुमार झा विवेक कुमार विजय कुमार दया दिल पांडे कुमार चरणजीत रंजन विश्वनाथ प्रसाद धनंजय कुमार गुप्ता राजीव कुमार शशिकांत कुमार संदीप कुमार घोष इन सभी लोगों को प्रमोशन के साथ स्थानांतरण 4 फरवरी को किया गया जो अभी तक इनको रिलीव नहीं किया गया इसके पीछे भी रोस्टर घोटाला का अहम रोल माना जा रहा है । उक्त सभी लोग अपने अपने स्थान पर ना जाकर प्रयागराज में टिके हुए हैं । जो बराबर कार्रवाई में बाधाएं पहुंचा रहे हैं।



