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हो माँ का सहारा मेरी दुनिया अली अकबर…..

अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )।आज माहे मोहर्रम की पाँचवीं को घर घर व इमामबाड़ो मे फर्शे अज़ा बिछा कर हुआ करबला के बहत्तर शहीदों का ज़िक्र।ओलमाओं ने मजलिस मे हज़रत इमाम हुसैन के नौजवान फर्ज़न्द हज़रत अली अकबर की शहादत का ज़िक्र किया।चक ज़ीरोरोड स्थित इमामबाड़ा डिप्यूटी ज़ाहिद हुसैन मे मौलाना रज़ी हैदर ने क़ुरान व हदीस की रौशनी मे शोहदाए करबला का मार्मिक अन्दाज़ मे वर्णन किया।अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया के नौहाख्वान शादाब ज़मन,अस्करी अब्बास,शबीह अब्बास जाफरी,अखलाक़ रज़ा,कामरान रिज़वी,ज़हीर अब्बास,अली रज़ा रिज़वी,अकबर रिज़वी,हैदर रिज़वी सहित अन्य नौहाख्वानो ने शायर तालिब इलाहाबादी व ज़मीर भोपतपुरी का लिखा नौहा पढ़ा।पान दरीबा स्थित इमामबाड़ा सफदर अली बेग मे मौलाना के खिताब से पहले मिर्ज़ा बाबर व ज़हाँगीर ने ग़मगीन सोज़ व सलाम से मजलिस का आग़ाज़ किया।अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया ने पुरदर्द नौहा पढ़ा तो हर आँख अश्कबार हो गई।वहीं दरियाबाद मे हसन नक़वी के इमामबाड़े मे हुई मजलिस मे अन्जुमन नक़वीया के साहेबेबयाज़ शबी हसन शारु ने शायर रौनक़ सफीपुरी का नौहा पढ़ा तो माहौल ग़मज़दा हो गया।घंटाघर इमामबाड़ा सय्यद मियाँ मे हुई मजलिस मे रज़ा इसमाईल सफवी ने मर्सियाख्वानी की तो ज़ाकिर ए अहलेबैत रज़ा अब्बास ज़ैदी ने मजलिस को खिताब किया।शहर भर मे अशरे की मजलिसे हुई जिसमे कसीर तादात मे लोगों ने शिरकत की।इस मौक़े पर गौहर काज़मी,मंज़र कर्रार,हसन नक़वी,रौनक़ सफीपुरी,क़िबला नक़वी,शानू नक़वी,आग़ा मो०क़ैसर,रज़ी अस्करी,सै०मो०अस्करी,अलमास हसन,अरशद नक़वी ज़फर सफदर अब्बास डेज़ी अर्शी ज़ामिन हसन,शजीह अब्बास शमशाद,सोहेल,मुन्ना,सलीम साहब,माहे आलम,छोटे बाबू,अफसर,नाज़िम,सादिक़ हुसैन,सलमान,अली रज़ा रिज़वी आदि शामिल रहे।

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