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अलमदार ए फौजे हुसैनी हज़रत अब्बास की शहादत पर निकला अलम

नहरे फोरात पर क़बज़ा करने के बाद भी नही पीया अब्बास ने पानी, हाय सकीना हाय प्यास की सदाएँ गूँजती रही

(अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज हज़रत इमाम हुसैन के छोटे से लश्कर के सिपेहसालार फौजे हुसैनी के अलमदार हज़रत अब्बास की शहादत पर माहे मोहर्रम की आठवीं पर जगहा जगहा ग़ाज़ी अब्बास की जाँबाज़ी शुजाअत का ज़िक्र करते हुए ओलमाओं ने ग़मगीन मसाएब पढ़े।अहमदगंज स्थित ताहिरा हाऊस मे इमामबाड़े के अन्दर हुई मजलिस को ईरान से आए मौलाना अज़मी ने खिताब करते हुए हज़रत अब्बास की शुजाअत का ज़िक्र किया।अन्जुम रिज़वी द्वारा मन्नती अलम की ज़ियारत कराई गई।वहीं चक स्थित डिप्यूटी ज़ाहिद हुसैन मे अशरे की आठवीं मजलिस को मौलाना रज़ी हैदर ने खिताब किया।मौलाना ने इमाम हुसैन की बेटी सकीना की प्यास की शिद्दत को देखते हुए नहरे फोरात से पानी लेने गए हज़रत अब्बास और यज़ीदी सेना द्वारा पानी भरे मशकीज़े को तीर से छेद कर पानी बहा देने और हज़रत अब्बास के दोनो बाज़ू क़लम करने का मार्मिक अन्दिज़ मे जब ज़िक्र किया तो हर आँख अश्कबार हो गई।बाद मजलिस सुर्ख व सब्ज़ रंग के पंजे से सजे एक दर्जन से अधिक अलम निकाले गए साथ मे करबला के वफादार घोड़े ज़ुलजनाह को गुलाब और चमेली के फूलों से सजा कर ज़ियारत कराई गई।अन्जुमन हैदरिया रानी मण्डी के नौहाख्वान हसन रिज़वी ने शायर शहंशाह सोनवी का लिखा ग़मगीन नौहा पढ़ा।अन्जुमन के सदस्यों ने हाँथो से छाती पीट पीट कर मातम किया।मोमनीन ने अलम व ज़ुलजनाह पर फूल माला चढ़ा कर मन्नत व मुरादें मांगी।पान दरीबा मे इमामबाड़ा सफदर अली बेग मे हुई मजलिस मे चंगेज़ बेग,बाबर बेग,जहाँगीर ने मर्सिया पढ़ा।मौलाना डॉ रिज़वान हैदर रिज़वी ने मजलिस को खेताब किया।अन्जुमन हुसैनिया क़दीम दरियाबाद के नौहाख्वान यूशा बहादर व हुसैन मज़हर ने हजरत अब्बास की शहादत व जनाबे सकीना की प्यास की शिद्दत को दर्शाता हुआ नौहा पढ़ा *दरिया से सदा देता था अब्बास का लाशा-शर्मिंदा सकीना हूँ मैं शर्मिंदा सकीना…..*
नौहे सुन कर अक़ीदतमन्दों की आँखे छलक पड़ी।मजलिस मे गौहर काज़मी,ताशू अलवी,नजीब इलाहाबादी,अरशद नक़वी आसिफ रिज़वी सै०मो०अस्करी आदि लोग शामिल रहे।

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