रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

रेलकर्मी ने बेटे संग मिलकर चार युवकों से ऐंठे 20 लाख
खुल्दाबाद थाने में मुकदमा दर्ज, रेलकर्मी का पुत्र गिरफ्तार
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर रेलकर्मी ने अपने बेटे के साथ मिलकर चार युवकों से 20 लाख रुपये ऐंठ लिया। चारों को जीएम और डीआरएम कोटे से नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव ने मुकदमा दर्ज कर रेलकर्मी के पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी तलाश की जा रही है।
कौशांबी जनपद के सैनी थानांतर्गत सुभाष नगर निवासी जितेंद्र कुमार वर्ष 2018 में प्रयागराज आया। वह यहां अपने छोटे भाई रूपनारायण के साथ साइबर कैफे में काम करने लगा। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करता था। उसके मामा का लड़का शिव नारायण भी यहां काम करता था। तीनों यहां चक निरातुल में रहते थे। साइबर कैफे में शिव नारायण की मुलाकात घनश्याम नगर रेलवे कालोनी चक निरातुल के रहने वाले अंकित कुमार पांडेय पुत्र मनोज कुमार पांडेय से हुई।
अंकित ने बताया कि उसके पिता डीआरएम कार्यालय में टेक्नीशियन प्रथम पावरअंडर सीनियर डीईई जनरल पद पर कार्यरत हैं। एनसीआरयू के कोरल क्लब के महामंत्री हैं। कई लोगों को जीएम और डीआरएम कोटे से नौकरी दिला चुके हैं। इस समय दोनों कोटे में चार पद रिक्त हैं। नौकरी करनी हो तो दस-दस लाख लगेंगे। पांच लाख पहले देने होंगे। नियुक्ति पत्र मिलने पर शेष रकम देनी होगी।
जितेंद्र ने अपने भाई राजेंद्र कुमार, शिवनारायण, चचेरे भाई रवि कुमार से बात की और अंकित के पिता मनोज से मिला। मनोज ने कहा कि तत्काल 20 लाख रुपये की व्यवस्था करो। जितेंद्र ने 20 लाख रुपये दे दिए तो उनको उत्तर मध्य रेलवे का नियुक्ति पत्र दे दिया। नियुक्ति पत्र लेकर वह विभाग में पहुंचे तो पता चला कि यह फर्जी है। इसके बाद सभी मनोज व अंकित के पास पहुंचे और अपना रुपये वापस मांगने लगे, जिस पर आनाकानी की जाती रही।
मनोज और उसके पुत्र ने चारों युवकों को नौकरी का इस कदर झांसा दिया था कि 20 लाख रुपये के लिए उन लोगों के घरवालों ने खेत तक बेच दिया। रुपये के साथ-साथ खेत भी उनके हाथ से निकल गया। अब वह पछता रहे हैं और रुपये वापस दिलाने के लिए पुलिस से मदद मांगी है।



