षठग्राही योग देश की जनता को तीर्थ भूमी में किसी त्रासदी का संकेत है। जगतगुरु विनैका बाबा
(अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। साकेत धाम के जगतगुरु विनैका बाबा ने बताया आने वाले अमावस्या पर विलक्षण रक्त रंजित एवम षठग्राही योग बन रहा है। मकर राशि में बुध, गुरु, शुक्र, शनि, सूर्य, चंद्र युति कृषिकथानुसार किसी प्राकृतिक घटना को इंगित करती है। वर्ष लग्नानुसार चतुर्थ राहु और चतुर्थेश द्वादश भाव में स्थित होकर तथा लग्नेश केतु से युक्त दशम भाव में फलतः देश पूर्व से ही कोबिड के प्रभाव से ग्रसित जनता को आर्थिक, शारीरिक, मानसिक समस्याएं निरंतर प्राप्त हुई। षठग्राही योग के प्रभाव से देश की जनता को जल तथा अग्नि से त्रासदी होती है, किंतु लग्न में सूर्य और भाग्येश बुध के प्रभाव से वैज्ञानिको और लग्न में शनि के प्रभाव से तकनीकी द्वारा समाधान हो जाता है।जगतगुरु विनैका बाबा ने कहा बुद्ध जलीय ग्रह तत्व है। षठग्राही योग देश की जनता को तीर्थ भूभी में किसी त्रासदी का संकेत है। मकर राशि जल तत्व है, षठग्रह चंद्र लग्न में स्थित होकर किसी भयंकर घटना इंगित करते है। जगतगुरु विनैका बाबा ने कहा इस लग्न के प्रभाव से देश में खुशहाली शांति सौहार्द की प्राप्ति होती है। और रमेश पंचमी लगने ज्योतिष की थी प्रजा को देश को आर्थिक मानसिक तौर पर प्रसन्नता तथा कोरोना जैसी महामारी पर नियंत्रण करता है।




