एक अधिवक्ता का मोबाइल सर्विलांस पर लगाने से इलाहाबाद हाईकोर्ट नाराज
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। जबरन धर्म परिवर्तन कराने व अपहरण कराने के मुकदमे की पैरवी कर रहे वकील का मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
कहा किसके आदेश पर सर्विलांस पर लगाया गया।
कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या अधिवक्ता का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया गया है । यदि ऐसा है तो किसके आदेश से और किस आधार पर ऐसा किया गया। कोर्ट ने अधिवक्ता को परेशान न करने का एसएसपी बरेली को आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा व न्यायमूर्ति दीपक कुमार की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता चमन आरा की याचिका पर दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि याची के घर पर बरेली और प्रयागराज पुलिस दबिश देकर परेशान कर रही है । उससे मुकदमे में आरोपियों और पीड़िता के बारे में पूछताछ की जा रही है। विवेचक ने याची से पूछताछ के दौरान अपनी सीमाएं तोड़ी और याची का उत्पीड़न किया, जबकि वह जानते हैं कि याची सिर्फ अभियुक्त की वकील है। उसके पास जो जानकारियां हैं वह गोपनीय हैं और उनको जाहिर करने के लिए वह कानूनन बाध्य नहीं है।



