साइबर अपराध रोकने को सभी थानों पर बनेगी हेल्प डेस्क

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। साइबर ठगी के शिकार लोगों को अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। साइबर ठगी के लगातार बढ़ते मामले देखकर अब सभी थानों पर पीड़ितों की मदद के लिए हेल्प डेस्क बनाई जा रही है। जहां उनकी सुनवाई होगी। ठगी के शिकार लोगों का दर्द और उन्हें पुलिस से मदद न मिल पाने के कारण और निवारण तलाशे जा रहे हैं। अब शासन ने सूबे के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाने का निर्णय लिया है। आईजी केपी सिंह ने बताया कि 15 से 30 सितंबर तक पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रयागराज में साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी साइबर अपराधियों पर लगाम न लगने पर पुलिस और बैंक को फटकारा था। ठगी के शिकार लोगों की सुनवाई थानों पर नहीं होती है। वहां से उन्हें साइबर सेल भेज दिया जाता है। जांच के बाद थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। वहीं साइबर थाने में सिर्फ एक लाख से अधिक की ठगी पर ही एफआईआर दर्ज होती है। जबकि अगर तत्काल सुनवाई हो जाए तो ठगी के शिकार लोगों को उनके रुपये वापस मिल सकते हैं। लेकिन देरी के कारण रुपये वापस नहीं मिल पा रहे हैं।
आईजी रेंज केपी सिंह ने बताया कि सभी थानों पर नियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटर, महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला सिपाही, हर थाने से चार दरोगा और चार सिपाहियों को साइबर अपराध रोकने संबंधी प्रशिक्षण 15 सितंबर से दिया जाएगा। इसमें उन लोगों को शामिल किया जा रहा है जिन्हें तकनीकी जानकारी है। ताकि वे थाने पर आने वाले फरियादियों की मदद कर सकें।




